जागरण संवाददाता, बागेश्वर: कपकोट में गरुड़ के करीब दो दर्जन से अधिक प्रवासियों को संस्थागत क्वारंटाइन किया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उन्हें भोजन, चाय आदि ठीक से नहीं मिल रहा है। जबकि शारीरिक दूरी के मानक भी यहां तारतार हो गए हैं। उन्होंने व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए अपने गृह क्षेत्र के विद्यालयों में क्वारंटाइन करने की मांग की है।

महानगरों से प्रवासियों के लौटने का सिलसिला अभी जारी है। जिसके तहत जिला मुख्यालय के होटल, स्कूल आदि में प्रवासियों को ठहराया गया। यहां स्थान कम होने से कपकोट क्षेत्र में स्कूल, कालेज और होटलों में अब उन्हें संस्थागत क्वारंटाइन किया जा रहा है। गत दिवस बड़ी संख्या में प्रवासियों को कपकोट में बनाए गए क्वारंटाइन सेंटरों में रखा गया। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने कहा कि वे लोग गरुड़ तहसील के वाशिंदें हैं। उन्हें कपकोट में क्वारंटाइन किया गया है। रात को दो पूड़ी और आलू की सब्जी मिली। जिससे उनका पेट नहीं भरा। सुबह चाय और नमकीन दी गई। चाय बांटने वाला वर्तन गंदा और पेंट का था। जबकि नमकीन भी एक प्लास्टि की तस्तरी से बांटी गई। बिस्तर आदि कम होने से एक ही साथ दो-दो लोग सो रहे हैं। शौचालय भी कम हैं। पानी की कमी है और साबुन आदि भी नहीं हैं। नहाने आदि के लिए लाइन लगानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि उन्हें उनके गृह क्षेत्र के क्वारंटाइन सेंटरों में रखा जाए। ताकि वह अपने भोजन व अन्य व्यवस्थाएं स्वयं कर सकें। वहीं कौसानी के एक होटल में क्वारंटाइन हुए प्रवासियों ने भी वीडियो के जरिए सोशल मीडिया पर अव्यवस्थाओं की कलई खोली है। उन्होंने कहा कि यदि यही हालात रहे तो वे बीमार भी पड़ सकते हैं। इधर, डीएम रंजना राजगुरु ने कहा कि सोशल मीडिया के जरिए मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने कहा कि प्रकरण की जांच की जाएगी। प्रवासियों को हरसंभव सुविधाएं प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं। सोशल मीडिया पर सेंटर की खबर वायरल होने के बाद प्रशासन ने मौके पर पहुंच हालचाल जाना और भोजन आदि का वितरण किया।

Posted By: Jagran

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