जासं, बागेश्वर: जिले में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए प्रशासन पूरी मुस्तैदी से काम कर रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां घर-घर जाकर टेक होम राशन का वितरण कर रही हैं। जिले में बाहर से आने वाले लोगों की कड़ी निगरानी की जा रही है। इसके लिए दो कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। पुलिस भी इन पर सख्ती से नजर रख रही है।

डीएम रंजना राजगुरु ने बताया कि घर-घर राशन, टीएचआर बांटने के लिए 714 आंगनबाड़ी और 400 आशा कार्यकत्रियों को प्रशिक्षण दिया गया है। जो गर्भवती और धात्री महिलाओं को उनके निवास पर ही टीएचआर उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि होम या संस्थागत क्वारंटाइन में रहने वालों की सेहत पर लगातार नजर रखी जा रही है। सेहत में किसी तरह का बदलाव होने पर रैपिड रिस्पांस टीम तत्काल उनका सेहत परीक्षण कर रही हैं। जिले में कांट्रेक्ट ट्रेसिग के लिए बने कॉल सेंटर में 20 से अधिक काíमकों को तैनाती दी गई है। उन्होंने बताया कि जिले में क्वारंटाइन के लिए तहसीलवार स्थल चयनित किए गए हैं। जिसमें जिले के सभी पर्यटक आवास गृह के अलावा जिला पंचायतों के डाकघर व जिले के पांच होटलों का भी अधिग्रहण किया गया है। जिसके चलते 951 बैड की सुविधा दी जा चुकी है। जिसका विस्तार किया जा रहा है। इसके अलावा असंगठित क्षेत्र के 1232 मजदूर परिवारों को खाद्य सामग्री का पूíत विभाग से वितरण हो चुका है। कोरोना से बचाव का प्रचार प्रसार करने के लिए करीब 15300 पोस्टर विभिन्न स्थानों पर लगाए जा चुके हैं। जिले में सेनेटाइजेशन के लिए छह हजार लीटर सोडियम हाइपो क्लोराइड खरीदा गया है। निकायों के सभी काíमकों व अधिकारियों को कोविड 19 से रोकथाम के लिए प्रशिक्षण दिया गया है। इसके अलावा नगर पालिका व पशु पालन विभाग आवारा पशुओं के लिए विभिन्न स्थानों पर चारे का प्रबंध कर रही है।

Posted By: Jagran

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