जासं, बागेश्वर : अतिवृष्टि से लेटी-शीशाखानी, छानापानी सड़क जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई। कलमठ टूट कर गिर गए हैं। सड़क पर आवागमन पूरी तरह ठप है। ग्रामीण दस किमी पैदल चलकर जिला मुख्यालय पहुंच रहे हैं। उन्होंने सड़क की मरम्मत शीघ्र कराने की मांग की है। मरम्मत में ढील बरतने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। जिला मुख्यालय से लगभग 15 किमी दूर छानापानी, शीशाखानी और लेटी को जोड़ने के लिए बने मोटर मार्ग पर अभी तक डामर नहीं हो सका है। पैराफिट नहीं बनने से सड़क दुर्घटना को दावत दे रही है। गत दिवस अतिवृष्टि के कारण सड़क जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई। मलबा सड़क पर आने से आवाजाही बाधित हो गई। मार्ग पर जगह-जगह दलदल जैसी स्थिति बन गई है। इससे जिला मुख्यालय में अपने जरूरी काम के लिए आने वाले लोगों को लगभग 15 किमी पैदल चलना पड़ रहा है। टैक्सी आदि गांव और बाजार में फंसे हुए हैं। पूर्व प्रधान हरीश मनराल ने कहा कि सड़क पर वाहन चलने लायक नहीं हैं। भूस्खलन का खतरा भी बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि कई बार सड़क पर डामरीकरण की मांग की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो सकी।

ग्राम प्रधान शीशाखानी बबलू वर्मा ने कहा कि सड़क बंद होने से कोरोनाकाल में जरूरी सामान आदि गांव तक पहुंचाने में दिक्कत होने लगी है। राशन आदि भी गांव तक पहुंच पाना मुश्किल हो गया है। लेटी निवासी धन सिंह, छानापानी के माधो सिंह रावत, विशन सिंह भंडारी, गुंसाई सिंह भंडारी, खीम सिंह आदि ने सड़क को शीघ्र दुरुस्त करने की मांग की है। इधर, लोनिवि के अधिशासी अभियंता केके तिलाड़ा ने कहा कि सड़क को खोलने के लिए लोडर भेजा जाएगा।