जागरण संवाददाता, बागेश्वर: सरकार हर घर नल का दावा भले ही कर रही हो। लेकिन हाल यह है कि कई ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की किल्लत है। कांडा पड़ाव में आठ दिनों से पानी की बूंद नहीं टपकी है। स्वजल योजना के तहत बनी पेयजल योजना से आपूíत ठप होने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने ग्राम पंचायत समिति से जल्द पानी की आपूíत नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। वहीं मुख्यालय में भी कई वार्डों में किल्लत जारी हैं।

जिला मुख्यालय से 25 किमी दूर कांडा पड़ाव क्षेत्र में रविवार को पानी की आपूíत बाधित रही। लेक्सूना से कांडे कन्याल के लिए बनी स्वजल की पेयजल योजना से पानी की सप्लाई की जाती है। योजना से बाजार क्षेत्र की 350 की आबादी को लाभ मिलता है। 2005 में 15 लाख रुपये की लागत से बनी पेयजल योजना अब पुरानी और जर्जर होने लगी है। इससे उपभोक्ताओं को आए दिन पीने के पानी की किल्लत झेलनी पड़ रही है। पानी नहीं आने से व्यापारियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं कालिका मंदिर में नवरात्र का आयोजन कर रही कमेटी के सदस्यों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उपभोक्ता गंगा लाल वर्मा, बसंत साह, विरेंद्र नगरकोटी, सुंदर गढि़या, धीरज सिंह, सविता नगरकोटी आदि ने कहा कि आज तक पड़ाव बाजार के लिए जल संस्थान से एक अदद पेयजल योजना तक नहीं बन सकी है। एकमात्र स्वजल की योजना से पानी मिल रहा है, वह योजना भी बाजार की न होकर कांडे कन्याल ग्राम पंचायत की है। ऐसे में आपूíत बाधित होने पर बाजार में रहने वालों के पास परेशान होने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं है। उन्होंने पेयजल का प्रबंधन देखने वाली ग्राम पंचायत समिति से जल्द पेयजल आपूíत सुचारु करने की मांग की। ...... कांडा पड़ाव क्षेत्र में पेयजल योजना की पाइप लाइन में खराबी आने से आपूíत बाधित है। ग्राम समिति ने लाइन की मरम्मत के लिए ग्रामीणों को भेज दिया है। जल्द ही पेयजल आपूíत सुचारु करा दी जाएगी। - प्रेमा कांडपाल, ग्राम प्रधान कांडे कन्याल।

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