जागरण संवाददाता, बागेश्वर: जिला पंचायत चुनावों में इस बार खंडित जनादेश मिला है। अब अध्यक्ष पद की चाबी निर्दलीयों के पाले में है। जिले की 19 जिला पंचायत सीटों में से भाजपा समर्थित 8, कांग्रेस सर्मिथत 5 व निर्दलीय 6 जिला पंचायत की सीटों में काबिज हुए है। डबल इंजन की सरकार होने के बाद भी जिले में भाजपा को अब जिला पंचायत अध्यक्ष बनाने में काफी जोड़-तोड़ करनी पड़ सकती है। ऊंट किसी भी करवट बैठ सकता है। भाजपा शुरू से ही जीत के दावे कर रही थी। उसने जिले की सभी 19 सीटों पर अपने समर्थित प्रत्याशी खड़े किए थे, लेकिन कुछ सीटों वज्यूला, अणा, बड़ेत, नान कन्यालीकोट सीट से हार का सामना करना पड़ा। अणा, असों, सात जिला पंचातय सीटों पर पार्टी के बागियों ने ही भाजपा सर्मिथत को चित कर दिया। कांग्रेस ने जिला पंचायत की 14 सीटों पर अपने सर्मिथत प्रत्याशी खड़े किए हुए थे। जिनमें से पांच सीटों पर उन्हें जीत हासिल हुई। निवर्तमान जिला पंचायत अधक्ष हरीश ऐठानी व उनकी पत्नी वंदना ऐठानी भी पार्टी के समर्थन से चुनाव लड़ी और जीत हासिल की। अधिकतर सामान्य सीटों पर कांग्रेस ने गुटबाजी के कारण समर्थित प्रत्याशी खड़ा नहीं किया। सात, चौरा, मन्यूड़ा में निर्दलीय प्रत्याशी जीतकर आए है जबकि सिमगढ़ी, बाछम में भाजपा समर्थित जीतने में सफल रहे। ---जिला पंचायत के विजयी प्रत्याशी----- भाजपा समर्थित कांग्रेस समर्थित निर्दलीय कौसानी, सुनीता आर्या सिमकुना, पूजा आर्या वज्यूला, इंद्रा परिहार करासीबूंगा, नरेंद्र लाल भैरुचौबट्टा, गोपा धपोला मन्यूड़ा, रुपा कोरंगा जेठाई, मदन राम सामा, हरीश ऐठानी चौरा, सुरेश खेतवाल तोली, प्रभा गढ़यिा बड़ेत, वंदन ऐठानी असों, चंदन रावत बाछम, बसंती देवी नानकन्यालीकोट, रेखा आर्य सात, नवीन परिहार सिमगढ़ी, पूरन गढ़यिा अणा, भावना दोसाद पिगलो, गोपाल किरमोलिया भकुनखोला, जर्नादन लोहन

Posted By: Jagran

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