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बागेश्वर में कुदरत का अटैक: तेज हवाओं के चलते जड़ से उखड़े पेड़, मकानों और मंदिर परिसर पर गिरे

Published: Tue, 23 Jun 2026 06:10 PM (IST)

बागेश्वर में मंगलवार शाम आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने धपोलासेरा गांव में मंदिर व मकानों को भारी नुकसान पहुंचाया, जबकि सानीउड़यार में ओलावृष्टि से फसलें बर्बाद हो गईं।

धपोलासेरा गांव स्थित पुराना विशाल पेड़ जड़ समेत उखड़कर गिरा।

धपोलासेरा गांव स्थित पुराना विशाल पेड़ जड़ समेत उखड़कर गिरा।

HighLights

  1. धपोलासेरा में तेज आंधी से मंदिर और कई मकान क्षतिग्रस्त हुए

  2. सानीउड़यार क्षेत्र में ओलावृष्टि से किसानों की फसलें बर्बाद हो गईं

  3. पीड़ितों ने प्रशासन से तत्काल निरीक्षण और आर्थिक सहायता की मांग की

जागरण संवाददाता, बागेश्वर। मंगलवार शाम करीब चार बजे के बाद आए तेज आंधी-तूफान तथा मूसलधार बारिश ने जिले के कई क्षेत्रों में नुकसान पहुंचाया।

कांडा तहसील क्षेत्र के ग्राम सभा धपोलासेरा में तेज हवाओं के चलते पेड़ उखड़कर मकानों और मंदिर परिसर में गिर गए, जबकि सानीउड़यार क्षेत्र में ओलावृष्टि से किसानों की फसलें और सब्जियां बर्बाद हो गईं।

धपोलासेरा गांव स्थित ग्राम देवता सैम मंदिर परिसर में वर्षों पुराना विशाल बांज का पेड़ जड़ समेत उखड़कर गिर गया। पेड़ गिरने से मंदिर और उससे सटी धर्मशाला को नुकसान पहुंचा है।

राहत की बात यह रही कि घटना के समय परिसर में कोई मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

वहीं, नंदन सिंह तथा जगदीश सिंह पुत्र राम सिंह के मकान पर तुन का विशाल पेड़ गिर गया, जिससे भवन को काफी क्षति पहुंची।

इसके अलावा नीमा धपोला के मकान की छत पर लगे टिन तेज हवाओं के कारण उड़ गए, जिससे परिवार को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। पीड़ितों ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल निरीक्षण कर नुकसान का आकलन करने तथा प्रभावित परिवारों और सैम मंदिर को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।

उधर, सानीउडियार क्षेत्र में हुई भारी बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। किसानों के अनुसार सब्जियों तथा अन्य मौसमी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे उनमें निराशा का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से फसल क्षति का सर्वे कर उचित मुआवजा देने की मांग की है।

इधर, बेड़ातलड़ा के तोक लेटगाड़ी में पूरन प्रसाद के मकान की छत के ऊपर से गुजर रहे बिजली के तार तेज बारिश तथा आंधी के बाद खतरा बन गए हैं। ग्रामीणों ने ऊर्जा निगम से तत्काल कार्रवाई कर संभावित दुर्घटना को रोकने की मांग की है।

जिले के अन्य हिस्सों में भी झमाझम बारिश हुई, जिससे मौसम सुहावना हो गया। लंबे समय बाद हुई अच्छी बारिश से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली, जबकि किसानों ने भी राहत की सांस ली। बारिश और ठंडी हवाओं के बीच जिले के पर्यटन स्थलों पर पहुंचे पर्यटक भी मौसम का आनंद लेते नजर आए।

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