जागरण संवाददाता, बागेश्वर: जिला अस्पताल में कुछ समय पहले गरीब लोगों को सस्ती दवाईयां उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खोले गए जन औषधि केंद्र में ताले लटक गए हैं। केंद्र को चलाने की जिम्मेदारी रेडक्रॉस सोसायटी की थी, लेकिन वह इसके संचालन में नाकाम हो गई है। जिससे गरीबों को सरकार की इस योजना का लाभ नहीं मिल रहा है।

सरकार ने लोगों को सस्ती जेनेरिक दवाईयां दिलाने के उद्देश्य से हर जिले में जन औषधि केंद्र खोलने के निर्देश दिए थे। मुख्यालय में जिला अस्पताल में लगभग एक साल पहले जन औषधि केंद्र खोला गया था। केंद्र खुलने के बाद अस्पताल में तैनात सभी चिकित्सकों को अस्पताल में आने वाले मरीजों को जेनेरिक दवाईयां ही पर्चे में लिखने को भी कहा था। चिकित्सकों ने शुरू में यह किया भी था, लेकिन जन औषधि केंद्र में पर्याप्त जरूरी जेनेरिक दवाईयां उपलब्ध ही नहीं रहती थी। जिस कारण मरीजों को इसका उचित लाभ भी नहीं मिल रहा था। कुछ दिन जैसे-तैसे यह औषधि केंद्र चला और अब इसमें ताला लटक गया है। यहां काम करने वाले फार्मासिस्ट भी यहां पर नहीं है।

--रेडक्रास सोसायटी को दी गई थी जिम्मेदारी--

बागेश्वर: चिकित्सा प्रबंधन समिति की बैठक में जिलाधिकारी रंजना राजगुरू ने जिला अस्पताल में जन औषधि केंद्र खोलने और संचालन करने की जिम्मेदारी रेडक्रास सोसायटी को दी थी, लेकिन रेडक्रास सोसाइटी यह केंद्र चलाने में असफल साबित हो रही है। जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सुविधा होने के बाद भी उन्हें महंगी दवाएं बाजार से खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है।

--- जन औषधि केंद्र बंद होना गंभीर बात है। यह जिम्मेदारी रेडक्रास सोसाइटी को दी गई थी। अगर लापरवाही बरती जा रही है तो इस पर कार्रवाई की जाएगी। जल्द ही यह केंद्र खोलने के प्रयास किए जाएंगे।

- रंजना राजगुरु, जिलाधिकारी, बागेश्वर

- जन औषधि केंद्र में जेनेरिक दवाईयां नहीं बिक रही थीं। फार्मासिस्ट की महीने की सैलरी ही नहीं निकल रही थी। जिस कारण बंद करना पड़। जल्द ही औषधि केंद्र खुल जाएगा।

- आलोक पांडे, सचिव रेडक्रास सोसायटी

Posted By: Jagran

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