जागरण संवाददाता, बागेश्वर : ट्रेड यूनियनों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का जिले में मिलाजुला असर रहा। एलआइसी और उत्तराखंड बैंक र्किमयों ने प्रदर्शन किया और कामकाज ठप रखा जबकि अन्य बैंक आमतौर पर खुले रहे। हड़ताल के चलते सुदूरवर्ती गांवों से आए लोगों को बैरंग अपने घरों को लौटना पड़ा।

भारतीय जीवन बीमा निगम के कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया और कहा कि मंडल इकाई ने केंद्र सरकार की विरोधी नीतियों के खिलाफ एक दिवसीय हड़ताल का आह्वान किया और जिसे सफल बनाया जा रहा है। एलआइसी के शेयर बेचने की नीति पर रोक लगाने, बीमा क्षेत्र में एफडीआइ बढ़ाने का विरोध किया। एलआइसी र्किमयों को पुरानी पेंशन बहाल करने, 2017 से लागू वेतन वृद्धि को शीघ्र देने, एलआइसी प्रीमियम पर जीएसटी वापस लेने, श्रम संहिता के नाम पर श्रमिक विरोधी परिर्वतनों पर रोक लगाने, ठेका प्रथा बंद करने की मांग की। इस मौके पर अध्यक्ष बसंत बल्लभ कांडपाल, मनू जैन, नंदन सिंह, चंद्रशेखर पाठक आदि मौजूद थे।

यूनाइटेड फोरम आफ आरआरबी यूनियन ने देशव्यापी हड़ताल में भाग लिया और उत्तराखंड ग्रामीण बैंक अधिकारी, कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने 11 वां वेतन समझौता शीघ्र संपन्न कर ग्रामीण बैंकों में तत्काल लागू करने की मांग की। ग्रामीण बैंकों को प्रयोजक बैंक के समतुल्य लागू करने, एनपीसएस को समाप्त करने, पुरानी पेंशन लागू करने, बैंकों में नई भर्ती शीघ्र करने, जन विरोधी बैंकिग सुधारों एवं बैंकों के अनुचित विलय का विरोध किया। ऋण चुकताकारों के लिए कठोर से कठोर उठाने की मांग की। इस मौके पर उपाध्यक्ष राजेंद्र मेहता, हितेश धपोला, अमित काला, जगदीश प्रसाद, घनानंद, आशा पांडे, सुंदर कोरंगा, माधवी राय, मनीष गुंसाई, मुनीर खान, अनुराग मिश्रा, राजेंद्र प्रसाद, इंद्र मटियानी, प्रकाश उपाध्याय, भुवन भट्ट, कमल जखवाल, विश्वविजय आदि मौजूद थे।

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ये बैंक खुले रहे

अल्मोड़ा अर्बन, एसबीआइ, यूनियन, बैंक आफ बड़ोदा, पोस्ट आफिस, बैंक आफ इंडिया, पंजाब नेशनल, इंडियन ओवरसीज समेत अन्य बैंक हड़ताल पर नहीं रहे और अन्य दिनों की भांति काम चलता रहा।

Posted By: Jagran

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