जासं बागेश्वर: द्वारिकाछीना के पास भूस्खलन का दौर जारी है। दिन के समय लोनिवि ने कई बार सड़क को खोला, लेकिन लगातार गिर रहे मलबे कारण मार्ग फिर से बंद हो गया। यह सिलसिला दिनभर चलता रहा। हालांकि विभाग ने शाम के समय मार्ग बंद कर दिया।

भूस्खलन का असर पेयजल योजना पर भी पड़ा है। जिससे नगर में एक बार फिर से पेयजल संकट पैदा हो गया है। बागेश्वर-गिरेछीना मोटर मार्ग पर किमी तीन में पहाड़ी दरकने से लगातार भूस्खलन हो रहा है। 30 सितंबर से मोटर मार्ग पूरी तरह से बंद था। जिसे लोनिवि ने पोकलैंड की मदद से छोटे वाहन गुजारने लायक बनाया था। गुरुवार को मार्ग बंद रहा। शुक्रवार को मार्ग पर दो घंटे तक वाहन चले। इस दौरान क्षेत्र के सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों में राशन भिजवाया गया। आंगनबाड़ी केंद्रों में भी पुष्टाहार की आपूíत की गई। ग्रामीण क्षेत्र के दुकानदारों ने भी राशन, सब्जी आदि का भंडारण किया। लंबे समय से राशन तथा सब्जी नहीं मिलने से ग्रामीण परेशान हो गए थे। शाम के समय विभाग ने ऐतिहात के तौर पर मार्ग बंद कर दिया। लगातार हो रहे भूस्खलन का असर पेयजल पर भी पड़ रहा है। जल संस्थान ने प्लास्टिक के पाइप लगाकर नदीगांव तथा च्वालदेवी वार्ड में पानी पहुंचाने का प्रयास किया है, लेकिन मलबे कारण पाइप कई बार टूट रहा है। इससे नगर में पानी का संकट बना हुआ है। इधर, लोनिवि के ईई यूसी पंत ने कहा कि पहाड़ी से लगातार मलबा गिर रहा है। जिसे नियमित अंतराल में हटाया जा रहा है। शुक्रवार को दिन में मार्ग खोला गया, लेकिन शाम को ऐतिहात के तौर पर उसे बंद कर दिया। उन्होंने कहा कि सोमेश्वर से कई वाहन चालक इस मार्ग से आ रहे हैं, लेकिन यहां पहुंचकर वे फंस रहे हैं। उन्होंने मार्ग के पूरी तरह ठीक होने तक हल्द्वानी, अल्मोड़ा से आने वाले वाहन चालकों से वाया गिरेछीना के बजाए कौसानी से आने की अपील की है।

Posted By: Jagran

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