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कौसानी के चाय बागान मानसून में भी बने पर्यटकों की पहली पसंद, रिकॉर्ड तोड़ सैलानी पहुंचे

Published: Sun, 13 Sep 2026 07:32 PM (IST)

कौसानी के चाय बागान मानसून में भी पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं, जहां अप्रैल से अगस्त तक 22,696 सैलानी ...और पढ़ें

बागेश्वर के कौसानी में पर्यटकों की चहल-पहल। जागरण

बागेश्वर के कौसानी में पर्यटकों की चहल-पहल। जागरण

HighLights

  1. अप्रैल से अगस्त तक 22,696 पर्यटक कौसानी पहुंचे।

  2. टी बोर्ड को 4.17 लाख रुपये से अधिक की आय हुई।

  3. बादलों में हिमालय और चाय की खुशबू पर्यटकों को लुभा रही।

घनश्याम जोशी, बागेश्वर। मानसून में जब पहाड़ के कई पर्यटन स्थलों पर सैलानियों की रफ्तार थमती है, तब कौसानी की वादियां बारिश में और गुलजार हो रही हैं। बादलों की ओट में हिमालय, बारिश के बाद निखरी हरियाली और चाय बागानों से उठती खुशबू सैलानियों को लगातार अपनी ओर खींच रही है।

यही वजह है कि अप्रैल से अगस्त तक 22,696 पर्यटक टी बोर्ड के चाय बागान और फैक्ट्री का रुख कर चुके हैं। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, मुंबई और पश्चिम बंगाल से बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं।

टी बोर्ड की चाय फैक्ट्री में अप्रैल से जुलाई तक ही 16,696 टिकट बिक चुके थे। 25 रुपये प्रति टिकट की दर से बोर्ड को 4.17 लाख रुपये से अधिक की आय हुई।

जून में पर्यटकों की आमद सबसे अधिक रही। इस दौरान 7,257 टिकट बिके। मई में 6,142 और अप्रैल में 2,497 टिकटों की बिक्री हुई। जुलाई में 800 पर्यटकों ने फैक्ट्री का टिकट लिया। अगस्त तक यह संख्या बढ़कर 22,696 पहुंच गई।

बारिश थमी नहीं, पर्यटन की रफ्तार भी नहीं

मैदानी क्षेत्रों में उमस और गर्मी के बीच इन दिनों पर्यटक पहाड़ों की ठंडी वादियों का रुख कर रहे हैं। बारिश के बाद कौसानी की हरियाली और चाय बागानों का सौंदर्य और निखर उठा है। बादलों के बीच हरे-भरे चाय बागान और ठंडी हवाओं में घुली चाय की खुशबू पर्यटकों को खासा आकर्षित कर रही है।

सितंबर में भी कौसानी आने वाले सैलानियों का सिलसिला जारी है। अब तक करीब 1,800 पर्यटक यहां पहुंच चुके हैं। इससे साफ है कि मानसून भी कौसानी के पर्यटन कारोबार की रफ्तार को पूरी तरह थाम नहीं पाया है।

चाय की खुशबू के साथ यादें भी समेट रहे सैलानी

कौसानी पहुंचने वाले पर्यटकों के लिए टी बोर्ड का परिसर अब केवल चाय उत्पादन देखने की जगह नहीं रह गया है। पर्यटक यहां चाय बनने की प्रक्रिया को करीब से देखने के साथ चाय बागानों में घूमकर प्रकृति का आनंद ले रहे हैं। इसके साथ ही स्थानीय ऑर्गेनिक ग्रीन टी, ब्लैक टी और चाय की अन्य किस्मों की खरीदारी भी कर रहे हैं।

हरे-भरे बागानों के बीच शांत वातावरण और चाय की खुशबू पर्यटकों को अलग अनुभव दे रही है। यही कारण है कि टी बोर्ड परिसर कौसानी आने वाले सैलानियों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। यहां आने वाले पर्यटक चाय का स्वाद ही नहीं, बल्कि कौसानी की यादें भी अपने साथ ले जा रहे हैं।

टी बोर्ड प्रबंधक प्रमोद कुमार ने बताया कि कौसानी में चाय बागान और फैक्ट्री देखने के लिए लगातार पर्यटक पहुंच रहे हैं। पर्यटक चाय की विभिन्न किस्मों की खरीदारी भी कर रहे हैं। 15 सितंबर के बाद मौसम साफ होने पर पर्यटन गतिविधियों में और तेजी आने की उम्मीद है। अक्टूबर-नवंबर में पर्यटकों की संख्या बढ़ने की संभावना है।

आंकड़ों में कौसानी का पर्यटन

  • 22,696 पर्यटक अप्रैल से अगस्त तक
  • 16,696 अप्रैल-जुलाई में बिके टिकट
  • 7,257 टिकट जून में बिके
  • 6,142 टिकट मई में बिके
  • 4.17 लाख रुपये से अधिक अप्रैल-जुलाई में टिकट आय
  • 1,800 पर्यटक सितंबर में अब तक पहुंचे
  • 25 रुपये है फैक्ट्री का टिकट

अब पर्यटन विभाग तथा स्थानीय कारोबारी 15 सितंबर से शुरू होने वाले शीतकालीन पर्यटन सीजन को लेकर तैयारियों में जुटे हैं। मौसम साफ होने के साथ पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। अक्टूबर और नवंबर में कौसानी में पर्यटन गतिविधियों के और तेज होने की संभावना है। ऐसे में चाय बागान और टी फैक्ट्री आने वाले समय में कौसानी के पर्यटन आकर्षण का और बड़ा केंद्र बन सकते हैं। खास बात यह है कि यहां प्रकृति, चाय और पर्यटन एक साथ सैलानियों को नया अनुभव दे रहे हैं।

-पीके गौतम, जिला पर्यटन अधिकारी, बागेश्वर।