संवाद सूत्र, कपकोट: जंगली जानवरों की दहशत से ग्रामीण परेशान हैं। जिससे स्कूल जाने वाले बच्चे, महिलाएं व किसानों की दुर्दशा हो रही है। भालू खेतों में घुसकर तैयार फसल को क्षति पहुंचा रहे हैं।

कपकोट क्षेत्र के कई गांवों में भालू की आमद तेज हो गई है। जंगली सुअर की समस्या से जूझ रहे किसानों के लिए एक नई आफत खड़ी हो गई है। ऐसे में किसानों के पास इस समस्या से निपटने का कोई चारा नहीं दिख रहा है। मक्का और मडुए की फसल भालू का पसंदीदा आहार है। जिसके बाद व खेतों में घुसकर जमकर उत्पात मचा रहे हैं। कुछ फसल खा रहे हैं तो बाकी फसल रौंदकर खराब कर दे रहे हैं। जबकि विद्यालय जाने वाले बच्चे व खेतों में जानी वाली महिलाएं भी भालू के डर से सहमे हुए हैं। ग्रामीण खीम राम ने बताया कि उंचाई वाले इन गांवों में सिर्फ दो ही फसल होती है। क्षेत्र के नंदन ¨सह कोरंगा, दुर्गा ¨सह धर्मशक्तू, दलीप ¨सह, खिलाफ ¨सह दानू, गजेंद्र ¨सह दानू, प्रताप ¨सह दानू, भरत ¨सह दानू, आलम ¨सह दानू आदि ने वन विभाग से भालू की रोकथाम की मांग की है।

क्षेत्र के कई गांव प्रभावित

कपकोट: भालू व सुअर के आतंक से क्षेत्र के कई गांव प्रभावित हैं। जिसमें शामा, गोगिना, भनार, लीती, सूपी, खलबट्टा, मिकिला, झूनी, खल झूनी, लाहुर, खाती, वाछम, बदियाकोट, सोराग, किलपारा आदि उचाई वाले क्षेत्र हैं। जिसमें करीब दो दर्जन गांव हैं। जहां भालू और सुअर ने फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है।

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