बागेश्वर, जेएनएन। कपकोट के पोथिंग गांव के तिपारी में गढ़िया बग्वाल धूमधाम के साथ मनाया गया। कुमाऊंनी गीतों में मेलार्थी रातभर थिरके। ठंड के बावजूद भी लोगों ने आयोजित बग्याल मेले का जमकर लुत्फ उठाया। 97 साल के बुजुर्ग खीम सिंह गढ़िया ने मेले का समापन किया। उन्होंने कहा कि बग्याल मेला सबसे अनूठा है। इस तरह के मेले को संरक्षित किया जाएगा।

शनिवार की सुबह मेले का रंगारंग समापन हुआ। मेले में हरसिला, नान-कन्यालीकोट, गडेरा, लीली, फरसाली  पोथिंग से लेकर मल्लदानपुर के तोली, कर्मी, बघर, बदियाकोट, वाछम गांव के जोशी, दानू, देवली, फर्स्वाण, मेहता, कन्याल, बिष्ट इत्यादि बिरादरी के लोगों ने भाग लिया। 97 साल के बुजुर्ग खीम सिंह गढ़िया ने मेले का समापन किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के मेले उत्तराखंड की शान हैं। मेलों को संरक्षित करने के लिए सरकार काम कर रही है।

जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि बग्वाल मेला दानपुर घाटी के लोगों का अपना मेला है। मेले का भव्य रूप  देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यह मेला कपकोट की पहचान भी है। उन्होंने कहा कि यह मेला तीन दशक से मनाया जा रहा है। कलाकारों ने मेले में समां बांध दी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता रमेश सिंह गढ़िया ने की। इस दौरान महासचिव भूपेश सिंह, व्यवस्थापक नंदन सिंह, कोषाध्यक्ष कैलाश सिंह, सचिव नंदन सिंह, पूर्व विधायक शेर   सिंह गढ़िया, सुरेश सिंह गढ़िया, खुशाल सिंह, हयात सिंह, गोपाल सिंह, राजन सिंह, तारा दत्त जोशी, बीना देवी, शांति देवी आदि मौजूद थे। मेले का  संचालन दीपक गढ़िया ने किया।

स्कूली बच्चों ने मचाई धूम

सांस्कृतिक कार्यक्रम एंजल एकेडमी कपकोट, एआरजी ग्रुप कपकोट, जीजीआइसी ऐठाण्, जीआईसी कपकोट, इंटर कॉलेज कपकोट, शिशु मन्दिर कपकोट, लोकगायक कुंदन कोरंगा टीम, लोकगायक प्रहलाद मेहरा टीम, दानपुर म्यूजिक ग्रुप ने धूम मचाई।

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Posted By: Sunil Negi

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