जागरण संवाददाता, बागेश्वर : वैणीमाधव वार्ड के लोग पेयजल, संपर्क मार्ग पर डामरीकरण नहीं होने से खफा हैं। उन्होंने गहरा आक्रोश जताया है। सोमवार को कलक्ट्रेट पर सांकेतिक प्रदर्शन किया। जिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में चुनाव बहिष्कार की चेतावनी दी है।

नागरिकों ने कहा कि मेहनरबूंगा क्षेत्र वैणीमाधाव वार्ड 11 में आता है। वहां पेयजल की समस्या बनी हुई है। संघर्ष करने के बावजूद पानी से वंचित हैं। मेहनरबूंगा से पुलिस लाइन को लगभग छह करोड़ रुपये की लागत से योजना बनाई गई। जल निगम ने उनकी भूमि खरीदी। पंप का निर्माण कराया और उन्हें पानी नहीं दिया गया है। जिसके लिए बीते पांच जुलाई 2021 को एडीएम की अध्यक्षता में अधिशासी अभियंता जल निगम और जलसंस्थान के मध्य समझौता हुआ। जिसमें पेयजल लाइन बिछाने, सौ रुपये में प्रत्येक घर को संयोजन देने पर सहमति बनी थी।लेकिन नवंबर 2021 से निर्माण कार्य बंद है। नागरिकों को गुमराह किया गया है। इसके अलावा एनएच 309 ए में पुलिस लाइन तक डामरीकरण भी अधर में लटका हुआ है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मेहनरबूंगा, अग्निकुंड से बिलौना बाईपास पुल तक नदी किनारे सड़क निर्माण भी नहीं हो सका है। रमेश चंद्र के मकान से अग्निकुंड पुल तक सीसी मार्ग की मरम्मत भी नहीं हो सकी है। उन्होंने कहा कि आगामी 14 फरवरी को विधानसभा चुनाव को मतदान है। वह इसका बहिष्कार करेंगे। इस दौरान नरेंद्र कुमार आर्य, रणजीत राम, हर्षिका, कुंज बिहारी, चंपा देवी, रजनी देवी, दुर्गा देवी, ज्योति, संगीता, मोहित, पूजा, दीपा, चंदन, उमेश जोशी, नीरज जोशी, दीपा जोशी, दर्शन सिंह, दीवान सिंह, नरेंद्र सिंह, आशा देवी, जगदीश चंद्र, दिनेश चंद्र, शांति देवी आदि मौजूद थे।

पिछली बार माने, इस बार चुनाव बहिष्कार पर आड़े

जागरण संवाददाता, बागेश्वर : छह साल बाद भी स्वीकृत सड़क नहीं बनने पर भड़के बिलेख के ग्रामीणों ने विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। इससे पहले भी उन्होंने 2019 में लोकसभा चुनाव का बहिष्कार एलान किया था, तब स्वीप की टीम ने किसी तरह मतदान के लिए तैयार किया।

ग्रामीणों ने रविवार को गांव में बैठक कर कहा कि उनके गांव के लिए 2016 में सड़क स्वीकृत हुई। बकायदा इसका जीओ भी जारी हो गया। शासन-प्रशासन की अनदेखी के चलते रोड का काम अब तक शुरू नहीं हो सका है। इससे ग्रामीण काफी आहत हैं। उन्होंने 2019 में लोकसभा चुनाव का भी बहिष्कार की घोषणा की थी। तब चुनाव आयोग और प्रशासन ने उन्हें आश्वासन दिया कि जल्द उनकी मांग पूरी हो जाएगी, लेकिन अब तक स्थिति जस की तस है। इस मौके पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य मनोज कुमार, ग्राम प्रधान शीला चन्याल, संजय चन्याल आदि मौजूद थे।

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