जासं, बागेश्वर: पलायन से प्रभावित ग्रामों के लिए सघन रणनीति के तहत कार्ययोजना तैयार की जाएगी। जिन गांवों में 50 फीसदी पलायन हो चुका है, वहां विस्तृत सर्वेक्षण करना है।

शुक्रवार को जिला कार्यालय सभागार में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी विनीत कुमार ने अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि ग्राम्य विकास विभाग एवं पलायन आयोग द्वारा राज्य में विस्तृत सर्वेक्षण किया जाना है। जिले के 34 गांवों को चयन किया गया है। इन गांवों का तीन वर्षों में चरणबद्ध रूप से केंद्र, राज्य पोषित, वाह्य सहायतित योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाएगा। इसके अलावा नवाचार, विशेष परियोजनाएं आदि निधियों का उपयोग किया जाएगा। इन गांवों में कौशल विकास प्रचार-प्रसार और कॅरियर काउंसिलिग के लिए 1.65 लाख की धनराशि रखी गई है। लघु सिचाई को गूल मरम्मत 163.62 लाख, सिचाई को 8 ग्राम पंचायतों में नहर जीर्णोद्वार के लिए 254.49 लाख, लघुडाल 110 लाख, पशुपालन विभाग 4.97 लाख, डयेरी विभाग 5.47 लाख, स्वास्थ्य विभाग 14.50 लाख, उरेड़ा 45.52 लाख, लोक निर्माण विभाग 1080 लाख, आजीविका 57 लाख की धनराशि प्रस्तावित की गयी है। जिलाधिकारी ने विभागों को धरातल पर विकास उतारने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डा. बीसी जोशी, लोनिवि के अधिशासी अभियंता केके तिलारा, लघु सिचाई नरेश कुमार, सिचाई एके जॉन, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. कमल पंत, सहायक अभियंता लघु डाल रवि नैलवाल आदि मौजूद थे।

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