जागरण संवाददाता, बागेश्वर: तहसील परिसर में रेल के लिए आंदोलन लगातार जारी है। रेल समिति से जुड़े सदस्यों का कहना है कि पहाड़ के विकास के लिए रेल एक संकल्प है। जिसे वह किसी भी कीमत पर लेकर रहेंगे। इसके लिए चाहे जितने दिन तक आंदोलन करना पड़े। टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन संघर्ष समिति बीते कई दशक से आंदोलन चला रहा है। जिसमें वह जिले में रेल लाइन के लिए प्रयासरत हैं। रेल समिति के सदस्य व सामान्य नागरिक बीते एक माह से तहसील परिसर में ही डटे हुए हैं। जहां वह दिन भर के आंदोलन, धरना व सभा के बाद रात भी गुजार रहे हैं। रेल समिति के महासचिव खड़क राम आर्या ने कहा कि पहाड़ का विकास अब रेल की पटरी से ही गुजरेगा। ऐसे में जिले को रेल की सुविधा मिलने तक उनका आंदोलन चलता रहेगा। समिति अध्यक्ष नीमा दफौटी ने कहा कि पहाड़ में हो रहे पलायन की एक बड़ी वजह यातायात की असुविधा भी है। ऐसे में यदि रेल लाइन से जिले को जोड़ा जाता है तो रोजगार बढ़ेगा और पलायन घटेगा। जिससे फिर से पहाड़ की वादी लहलहाने लगेगी। उन्होंने कहा कि सरकारों की मनमानी से पहाड़ के कई गांव उजड़ गए हैं। ऐसे में रेल का आंदोलन और ज्यादा प्रासंगिक हो गया है। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष गो¨वद ¨सह भंडारी का कहना है कि पहाड़ के विकास के लिए जो राजनीतिक दल कदम पीछे खींच रहे हैं। उनको जनता अवश्य जबाब देगी। उन्होंने कहा कि रेल जिले के लिए मुफीद है। ऐसे में अब बगैर देरी किए रेल लाइन के लिए सरकार को धनावंटन करना चाहिए। सोमवार को धरना स्थल पर हयात ¨सह, डूंगर नेगी, पार्वती पांडे, पीएस गढि़या समेत कई लोग मौजूद रहे।

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