संवाद सूत्र, गरुड़ : रंगारंग कार्यक्रमों के साथ प्रसिद्ध कोट भ्रामरी मेले का आगाज हो गया है। मेले का शुभारंभ केंद्रीय कपड़ा राज्यमंत्री अजय टम्टा ने डंगोली चौराहे पर रिबन काटकर किया। इससे पूर्व छोलिया नर्तकों ने करतब दिखाकर उनका भव्य स्वागत किया।

सांस्कृतिक मंच पर दीप प्रच्वलित कर मेले का शुभारंभ करते हुए केंद्रीय कपड़ा राज्यमंत्री अजय टम्टा ने कहा कि मेले संस्कृति के संरक्षण में सहायक सिद्ध होते हैं। उन्होंने कहा कि कोट भ्रामरी का मेला ऐतिहासिक, पौराणिक, धाíमक के साथ-साथ व्यापारिक महत्व का भी है। उन्होंने कहा कि इस मेले की प्रमुख विशेषता यह है कि यहां कुमाऊं और गढ़वाल की संस्कृति का भी एक साथ संगम होता है। अति विशिष्ट अतिथि जनपद की प्रभारी मंत्री रेखा आर्या, जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी, विधायक चंदन राम दास और बलवंत भौर्याल ने कहा कि कोट भ्रामरी मेला कुमाऊं और गढ़वाल को एकता के सूत्र में बांधता है। उन्होंने कहा कि मेलों के संरक्षण के लिए ठोस प्रयास करने होंगे। विशिष्ट अतिथि पूर्व विधायक ललित फर्सवाण, पूर्व राज्यमंत्री गोपाल दत्त भट्ट और राजेंद्र टंगड़िया ने कहा कि मेले मेल-मिलाप के प्रतीक होते हैं। पूर्व राज्यमंत्री और संस्कृति कर्मी गोपाल दत्त भट्ट ने अपना सुप्रसिद्ध गीत' गरुड़ा भरती कौसाणी टै¨नगा' सुनाते हुए मां कोट भ्रामरी के इतिहास पर विस्तृत प्रकाश डाला। मेलाध्यक्ष व ब्लाक प्रमुख भरत फर्सवाण ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। संचालन मेला कमेटी के सचिव रंजीत डसीला और उप सचिव कैलाश बोरा ने किया। इस दौरान जिलाधिकारी रंजना राजगुरु, पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार, मेलाधिकारी और उप जिलाधिकारी सुंदर ¨सह, जिला पंचायत उपाध्यक्ष देवेंद्र परिहार, जिला पंचायत सदस्य शिव ¨सह बिष्ट, जितेंद्र मेहता, गोदावरी आर्या, नंदी भंडारी, पुष्पा कोरंगा, पूर्व सदस्य बबलू नेगी, कनिष्ठ प्रमुख प्रकाश कोहली, च्येष्ठ प्रमुख जगदीश कुनियाल, सांसद प्रतिनिधि घनश्याम जोशी, लक्ष्मण आर्या, बलवंत भंडारी, मंगल राणा, हीरा ¨सह भंडारी, भुवन पाठक, उमेश पांडे, गिरीश कोरंगा, किशन बोरा, मोहनदा, बहादुर कोरंगा, नीरज पंत, कैलाश बोरा, गो¨वद राणा, तहसीलदार दया चंद्र टम्टा, थानाध्यक्ष मदन लाल, बीडीओ वीसी पंत समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

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