जागरण संवाददाता, बागेश्वर :

जिले में पिछले दो दिनों से लगातार मूसलधार बारिश हो रही है। जिससे 25 से अधिक सड़कें भारी मात्रा में मलबा आने से आवागमन को बंद हो गईं हैं। शहर से लेकर गांव तक लोग बारिश के कारण परेशान हो गए हैं। सरयू-गोमती नदी खतरे के निशान से ऊपर बहने लगी हैं। जिससे पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हो गई हैं।

गुरुवार की रात से लगातार मूसलधार बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने जिले के लिए रेड अलर्ट जारी किया था। जिला मुख्यालय से लेकर सभी तहसीलों में जोरदार बारिश हो रही है। शनिवार को भी बारिश का दौर जारी रहा। लोगों के रोजमर्रा के कामकाजों पर असर पड़ा है। बाजारों में सुनसानी छाई रही तो ग्रामीण इलाकों में भी लोगों के दैनिक काम प्रभावित हुए। बारिश से कई स्थानों पर जलभराव की समस्या पैदा हो गई है। लोगों के घरों में पानी घुस गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों के बंद होने से लोगों की आवाजाही पर असर पड़ा है।

32 परिवारों के सामने पेयजल संकट

कपकोट के सुदूरवर्ती गांव काला पैर कापड़ी में निर्माणाधीन मोटर मार्ग से पेयजल योजना क्षतिग्रस्त हो गई है। जिसके कारण 32 परिवारों के सामने पेयजल संकट पैदा हो गया है। ग्राम प्रधान गंगा सिंह कार्की ने बताया कि ग्रामीणों ने पाइप लाइन को जोड़ने का प्रयास किया, लेकिन मौसम खराब में सड़क का मलबा गिरने से लाइन फिर टूट गई है।

25 मोटर मार्ग बंद

मलबा और बोल्डर गिरने से कपकोट-कर्मी-तोली, कपकोट-कर्मी, बघर, गोगिना, चीराबगड़-पोथिग, गोगिना, शामा-नौकुड़ी, धैना, स्टेट गेस्ट हाउस कौसानी, जल्थाकोट-किमोली, बागेश्वर-दफौट, कपकोट-शामा-तेजम, भानी-हरसिग्याबगड़, सनगाड़-बास्ती, कपकोट-पिडारी ग्लेशियर, भीड़ी-किमोली, सिरमोली-लोहागढ़ी, कमेड़ी-भैसुड़ी, जैंसर-रियूनी लखमार, कंघार-रौल्याना, सिया-बौड़ी, जौलकांडे-लेटी, बांसपठना-रावतसेरा, नामतीचेटाबगड़, कपकोट-पोलिग, कांडा-सानिउडियार, कौसानी-बैजनाथ आदि मोटर मार्ग बंद हो गए हैं।

भगवती मंदिर की दीवार गिरी

कठायतबाड़ा स्थित भगवती मंदिर की एक सुरक्षा दीवार भूस्खलन के कारण गिर गई है। जिससे पिडारी रोड में चलने वाले वाहनों को भी खतरा बना हुआ है। उपजिलाधिकारी योगेंद्र सिंह ने सुरक्षा के लिहाज से लोनिवि को दीवार से गिर रहे मलबे को रोकने के लिए इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं।

आपदा में अग्रणी भूमिका निभा रहे पुलिसकर्मी

गरुड़ : कत्यूर घाटी में शनिवार को भी दिनभर बारिश जारी रही। सुबह कौसानी-गरुड़-बैजनाथ मोटरमार्ग पर चीड़ का विशालकाय पेड़ गिर गया और भारी मलबे के साथ मार्ग अवरुद्ध हो गया। कौसानी की थानाध्यक्ष निधि शर्मा टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंची और जवानों के साथ मार्ग खोलने में जुटी। जवानों ने शीघ्र ही पेड़ों की टहनियां आदि काटकर किनारे किया और लोडर मशीन से मोटरमार्ग पर आए मलबे आदि को हटवाया। नदी किनारे को लेकर अलर्ट

राजस्व पुलिस ने नगर में शुक्रवार को डुगडुगी की। उन्होंने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सावधान किया और किसी भी व्यक्ति से नदी किनारे नहीं जाने को कहा। हालांकि सरयू नदी किनारे जल पुलिस की एक टीम भी तैनात कर दी गई है।

नदियों का जलस्तर

सरयू - 866.40 मीटर

गोमती - 864.00 मीटर

बैजनाथ बैराज - 1113.10 मीटर बारिश का आंकड़ा

बागेश्वर - 75.00 एमएम

गरुड़ - 114.00 एमएम

कपकोट - 70.00 एमएम जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है और नदियों की तरफ जाने वालों को रोका जा रहा है। सड़कों को खोलने के लिए लोडर लगाए गए हैं। बिजली, पानी व्यवस्था सुचारू करने में विभाग जुटे हुए हैं।

- शिखा सुयाल, जिला आपदा अधिकारी, बागेश्वर।

नुकसान की सूचना दें : एसडीएम

उपजिलाधिकारी गरुड़ जयवर्धन शर्मा ने कहा कि मानसून सत्र के दृष्टिगत तहसील अन्तर्गत सार्वजनिक परिसंपत्तियां जैसे स्कूल, सड़क आदि के क्षतिग्रस्त होने की सूचना को संकलित करने के लिए एक पोर्टल बनाया गया है। जिसके अंतर्गत कोई भी व्यक्ति, जनप्रतिनिधि एवं राजकीय विभाग पोर्टल के माध्यम से राजकीय संपत्ति के दैवीय आपदा से क्षतिग्रस्त होने की सूचना अपने मोबाइल, कंप्यूटर से दर्ज कर सकते है। इसके अतिरिक्त निजी संपत्ति जैसे निजी भवन आदि की सूचना तहसील कंट्रोल रूम मे ही दर्ज कराई जाएगी।

गरुड़ में बारिश से मकान ध्वस्त

गरुड़ : राजस्व उप निरीक्षक किशोर कांडपाल ने बताया कि भारी बारिश के चलते कोटूली निवासी गिरीश राम का मकान क्षतिग्रस्त हो गया। गिरीश का घरेलू सामान भी मलबे में दब गया। परिवार के सदस्यों ने बमुश्किल भागकर जान बचाई। उन्होंने बताया कि प्रभावित गिरीश राम के परिवार ने पड़ोसी शंकर लाल के मकान में शरण ली है। राजस्व उप निरीक्षक कांडपाल ने मौका मुआयना कर रिपोर्ट तहसील प्रशासन को सौंप दी है। इधर उप जिलाधिकारी जयवर्धन शर्मा व तहसीलदार तितिक्षा जोशी ने भी कई स्थानों का दौरा कर आपदा का जायजा लिया।

Edited By: Jagran