जागरण संवाददाता, बागेश्वर : जिले में पिछले 24 घंटे से अनवरत बारिश हो रही है। पिडारी में हल्की बर्फबारी हुई है। जिससे उच्च हिमालयी गांवों में शीत लहर दौड़ गई है। अतिवृष्टि से कपकोट के बैड़ा-मझेड़ा गांव में एक आवासीय मकान ध्वस्त हो गया है। गांवों को जोड़ने वाली सड़कों पर मलबा आने से यातायात प्रभावित हो गया है। वहीं, दफौट, बालीघाट और रीमा क्षेत्र के 99 गांवों की विद्युत आपूíत ठप हो गई है। रविवार की रात लगभग सात बजे से जिले में लगातार बारिश हो रही है। जिसके कारण कपकोट के बैड़ा-मझेड़ा गांव निवासी दलीप राम पुत्र मोहन राम का मकान ध्वस्त हो गया है। घटना में उनका परिवार बालबाल बच गया है। बारिश से ऊर्जा निगम को भी भारी नुकसान हो रहा है। पेड़ गिरने से दफौट, मनकोट के 20 गांव, बालीघाट क्षेत्र के 25 गांव और दोफाड़, रीमा क्षेत्र के 18 गांवों की बिजली व्यवस्था ठप हो गई है। हालांकि लाइन को दुरुस्त करने का काम चल रहा है। बारिश के कारण व्यवधान आ रहा है। इसके अलावा शामा, बड़ेत, हरसिगियाबगड़, ऊलानीधार, शाम-डाना, लीती, रिठकुला, हाम्टी-कापड़ी, रातिरकेटी, मलखाडुर्गचा, गोगिना, कीमु, लाथी, रमाड़ी, चूचेर, भनार, नामती-चेताबगड़ समेत 46 गांवों की बिजली गुल हो गई है।

प्रशासन ने किया अलर्ट जारी नदियों के किनारे अवैध तरीके से रेता, बजरी निकालने वालों को पुलिस, राजस्व विभाग की टीम ने सचेत किया। इसके अलावा नगर में भी डुगडुगी बजायी। लोगों को नदी किनारे नहीं जाने की सख्त हिदायत दी। जल पुलिस सरयू तट पर निगरानी कर रही है।

सड़कों पर आया मलबा पालड़ीछीना-जैन करास मोटर मार्ग पर जगह-जगह मलबा आ गया है। जिस कारण यातयात प्रभावित हो गया है। स्थानीय निवासी फते सिंह करायत ने कहा कि यदि कोई दुर्घटना हुई तो उसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। उधर, कपकोट के कर्मी, नामतीचेटाबगड़, शामा समेत ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाले मोटर मार्ग पर मलबा आने से यातायात प्रभावित हो गया है।

मंडलसेरा वार्ड में जल भराव नगर पालिका के मंडलेसरा वार्ड बरसात के कारण ताल-तलैया बन गया है। जिसके कारण रास्ते भी पानी में डूब गए हैं। लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी भुवन चौबे ने कहा कि पानी की निकासी नहीं होने के कारण लोग परेशान हैं। लोगों के घरों में भी पानी भरने लगा है। वहीं, स्टेशन रोड पर सड़क में जलभराव होने से दुकानों में भी पानी घुस गया है। बारिश के कारण बाजार में भी सोमवार को सन्नाटा पसरा रहा। खेत बने तलैया, नदियां उफान पर संसू, गरुड़ : कत्यूर घाटी में मूसलधार बारिश से जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। कत्यूर घाटी में रविवार की रात्रि से ही लगातार मूसलधार बारिश हो रही है। जिससे जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। बारिश के चलते स्कूल भी सोमवार को बंद रहे। पानी भरने से खेत तलैया बन गए हैं। गोमती व गरुड़ नदियां उफान पर हैं। नदी के जल स्तर को देखते हुए बैजनाथ झील के चारों गेट खोल दिए गए हैं। लोग घरों में कैद हो गए हैं। काश्तकारों की चिता बढ़ गई है। पशुओं के लिए चारे की कटाई बाधित हो गई है। कुछ काश्तकार इस बारिश को खेतों की जुताई के लिए वरदान मान रहे हैं। उनका कहना है कि इससे गेहूं की बुआई में अब सिचाई की समस्या नहीं रहेगी।

बारिश की स्थिति बागेश्वर 50 एमएम गरुड़ 41 एमएम कपकोट 55 एमएम नदियों का जलस्तर सरयू 869.70 मीटर गोमती 870.70 मीटर बैजनाथ झील 1112.20 मीटर

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