जागरण संवाददाता, बागेश्वर : गड़ियातोक, गोलधार, मल्ला गोलधार, पीपलठोंक आदि गांवों के लोगों में पानी न मिलने से भारी रोष है। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत के लिए बन रही पेयजल योजना से करीब 45 परिवारों को पानी नहीं दिया जा रहा है। जबकि उनकी भूमि से पेयजल लाइन खोदी जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें पानी से वंचित किया गया तो वे उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे। गांव गरीब महिला उत्थान मंच के संस्थापक विशन ¨सह टंगड़िया ने डीएम को ज्ञापन दिया। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत डोबा के लिए 52 लाख रुपये से पेयजल योजना बनाई जा रही है। लेकिन ग्राम पंचायत के तोकों को पानी नहीं दिया जा रहा है। 45 परिवारों को पानी से वंचित रखने की साजिश चल रही है। उन्होंने कहा कि 2011 में उन्होंने पानी के लिए आमरण अनशन किया था। तत्कालीन जलसंस्थान के अधिशासी अभियंता ने उन्हें लिखित आश्वासन दिया था। उन्होंने कहा कि उसका पालन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गड़ियातोक ग्राम पंचायत डोबा का सबसे ऊंचाई पर बसा तोकगांव है। उन्होंने कहा कि वहां पानी की सबसे अधिक किल्लत है। जिस जलस्त्रोत से योजना बनाई जा रही है, वहां से गड़ियातोक समेत अन्य तोक गांवों को पानी की आपूíत हो सकती है। उप प्रधान आनंद ¨सह, ग्राम पंचायत सदस्य रमेश ¨सह, मोहन ¨सह, मधुली देवी, बहादुर ¨सह, धन ¨सह, सुंदर ¨सह, ललित बिष्ट, माधो ¨सह, शिव ¨सह, कुंती देवी, पदिमा देवी आदि ने चेतावनी दी है कि यदि उनके तोक गांवों को पानी की योजना से नहीं जोड़ा गया तो वे आमरण अनशन को बाध्य होंगे। इधर डीएम रंजना राजगुरु ने बताया कि मामले की जांच की जाएगी।

Posted By: Jagran

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