जागरण संवाददता, बागेश्वर : प्राधिकरण बनने से लोगों के मकानों के नक्शे नहीं बन पा रहे हैं। करीब 36 फाइलें लटक गई हैं। नक्शा बनाने वाले भी बेरोजगार हो गए हैं। जिससे लोगों में भारी रोष है। उन्होंने प्राधिकरण हटाने की मांग की है। ऐसा नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। जिला विकास प्राधिकरण लागू होने से लोगों के मकान नहीं बन पा रहे हैं। गरीब बेघरों के लिए प्राधिकरण में घर खड़ा करना अब सपना हो गया है। लोगों का कहना है कि प्राधिकरण पहाड़ पर लागू नहीं हो सकता है। सरकार जोर जर्बदस्ती कर रही है। पहाड़ में दो मीटर रास्ते का प्राविधान मजाक है। करीब 36 फाइलों को प्राधिकरण ने दो मीटर रास्ता नहीं होने से लटका दिया है। भाजपा सरकार के खिलाफ लोग सड़कों पर उतरने के लिए तैयार हैं। पहाड़ी क्षेत्र में दो या तीन फिट की चौड़ाई के रास्ते हैं। जिसमें विकास प्राधिकरण लगा पाना मुश्किल हो गया है। सैस शुल्क एवं अन्य शुल्क भी लोगों पर भारी पड़ रहे हैं। शुल्क समेत मकान बनाने वाले को भारी टैक्स देना होगा। प्रभावित भगवत ¨सह, भैरव पाठक, नंदन राम, धन ¨सह, खड़क राम, जगदीश ¨सह, देवेंद्र ¨सह, मनोज कुमार, दया कृष्ण, अशोक कुमार, रमेश ¨सह, महिपाल नगरकोटी आदि ने कहा कि यदि प्राधिकरण नहीं हटा तो वे सड़कों पर उतरेंगे। इधर प्राधिकरण के जेई एसएस त्यागी ने कहा कि मकान के नक्शे पास किए जा रहे हैं, जिन नक्शों में पूरी कार्रवाई नहीं हैं, वही रोके गए हैं।

Posted By: Jagran

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