जागरण संवाददाता, बागेश्वर : बरसात में कुंवारी के आपदा प्रभावित अभी भी डरे सहमे जीवन बसर कर रहे हैं। प्रशासन ने 12 आपदा प्रभावितों के पुनर्वास के लिए नेली तोक में पट्टे जारी कर दिए हैं। अन्य प्रभावितों ने कुंवारी के तोक डानाखरीक में पुनर्वास करने की मांग की है।

कपकोट ब्लॉक के कुंवारी में प्राकृतिक आपदा को एक साल से अधिक का समय बीत गया है। यहां रहने वाले 76 परिवार आज भी पुनर्वास की राह देख रहे हैं। वह कुंवारी से कहीं दूर भी बसना नहीं चाहते हैं। उनका कहना है कि डानाखरीक तोक में उनको बसाया जाए। उनकी मांग पर जब प्रशासन ने डानाखरीक की भूगर्भीय सर्वे कराई गई तो वह इलाका भी आपदा की दृष्टि से संवेदनशील ही निकला। जिस कारण प्रशासन इस जगह को सुरक्षित नहीं मान रही है। अन्य क्षेत्र में जगह नहीं मिल रही है। हर बरसात में यहां के लोग डरे हुए रहते हैं कब प्राकृतिक आपदा का कहर उन पर टूट पड़े। प्रशासन इन पर लगातार नजर बनाए हुए है। वहीं प्रशासन ने कुंवारी गांव के 18 परिवारों को पुनर्वासित करने के लिए नेली तोक में जमीन देखी थी। जिनमें से 12 प्रभावितों को पट्टे जारी कर दिए गए हैं। शासन से चार लाख 25 हजार रुपये की धनराशि भी आवंटित कर दी गई हैं। जो प्रभावित मकान बनाना चाहे उनको यह पैसा मिल जाएगा। अन्य 6 परिवार इस जगह पर रहना नहीं चाहते हैं। ------------

कुंवारी के हालात जस के तस हैं। अभी सभी परिवार वहीं पर रह रहे हैं। सरकार से गांव के आस-पास ही जगह चिह्नित कर पुनर्वास की मांग की जा रही है। -किशन सिंह दानू, प्रधान, कुंवारी -------------------

आपदा प्रभावितों के लिए पुनर्वास की कार्रवाई की जा रही है। भूमि के पट्टे भी जारी हो गए हैं जो मकान बनाना चाहे तो उसे पैसा आवंटित कर दिया जाएगा। अगर कोई दूसरी जगह भूमि में मकान बनाना चाहे तो उसे भी पैसा देंगे। -प्रमोद कुमार, एसडीएम, कपकोट

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Posted By: Jagran

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