संवाद सहयोगी, अल्मोड़ा : उत्तराखंड विज्ञान शिक्षा अनुसंधान केंद्र (यूसर्क) विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नित नए शोध कर सुदूर पहाड़ तक विज्ञान की पहुंच व प्रतिभाएं तैयार करने जा रहा है। इसके तहत युवा वैज्ञानिक तराश व नए संस्थानों को भी धरातल पर आकार देने की योजना है। ताकि दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों तक विज्ञान शिक्षा, अध्यापन, प्रशिक्षण आदि के लिहाज से मील का पत्थर साबित होगा।

यह बात उत्तराखंड आवासीय विद्यालय में इंटरनेट ऑफ द थिंग्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) साइबर सोसायटी विषयक एक दिनी कार्यशाला में विषय विशेषज्ञों ने कही। यूसर्क तथा ब्रिलिका सर्विस देहरादून के संयुक्त तत्वावधान में हुई कार्यशाला में विशेषज्ञ सूचना तकनीक योगेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि निदेशक यूसर्क प्रो. दुर्गेश पंत के निर्देशन में युवा वैज्ञानिक व संस्थानों को तैयार करने का प्रयास किया रहा है। जो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में शोध, शिक्षा, अध्यापन, प्रशिक्षण और दुर्गम क्षेत्रों तक विज्ञान के प्रचार-प्रसार में सहायता करेंगे। सूचना तकनीक से ही जुड़ीं विशेषज्ञ सारिका अहमद खान व उमेश जोशी, राजदीप ने भी इंटरनेट ऑफ थिंकिंग आईटी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ), साइबर व नेटवर्क सोसायटी आदि विषयों पर व्याख्यान दिए। कार्यशाला में बीएससी साइबर सिक्योरिटी, बीएससी इंटेलिजेंट ऑफ थिंग्स, बीएससी बायोफ्यूल्स, बीवाक हॉस्पिटेलिटी व बीवाक बैंकिंग एंड फाइनेंशियल मैनेजमेंट पाठ्यक्रमों के छात्रों, गुरुजनों ने हिस्सा लिया। कुलसचिव डॉ. विपिन जोशी ने कहा की उत्तराखंड आवासीय विद्यालय सदैव शोध कार्य तथा नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने यूसर्क के प्रयास को सराहनीय बताया।

Posted By: Jagran

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