संवाद सहयोगी, मानिला (अल्मोड़ा): सड़क के लिए कोरे आश्वासनों से तंग तोलबुधानी गांव (स्याल्दे ब्लॉक) के वाशिंदों ने लोकसभा चुनाव के बहिष्कार का एलान कर दिया है। बीती जनवरी में बुजुर्ग मरीज को छह किमी पैदल सफर तय कर डोली से अस्पताल तक पहुंचाने के बाद ग्रामीणों ने बाकायदा तंत्र को चेताया भी था, मगर आचार संहिता लागू होने तक क्षेत्रवासियों को महज आश्वासन की घुट्टी ही पिलाई जाती रही। यही नहीं ग्रामीणों ने राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं व पोलिंग पार्टियों को बूथों पर न पहुंचने देने की भी चेतावनी दी है।

तोलबुधानी, झिझांकोट, बुवाड़ी आदि दुर्गम में बसे गांव आजादी से अब तक सड़क सुख से वंचित हैं। उत्तराखंड गठन के बाद से तोलबुधानी-रतखाल मोटर मार्ग से इन गांवों को जोड़ने की मांग उठती आ रही। मगर जनप्रतिनिधियों ने इसे कभी गंभीरता से लिया ही नहीं। हालांकि तोलबुधानी निवासी शहीद हरि सिंह के नाम पर वर्ष 2016 में तत्कालीन राज्य सरकार ने रथखाल से शहीद के घर तक सड़क निर्माण संबंधी शासनादेश भी जारी किया। सत्ता बदलते ही मामला अधर में लटक गया। यह हाल तब है जब क्षेत्रीय विधायक सुरेंद्र सिंह जीना सत्तापक्ष से ही हैं। सूत्र बताते हैं कि बीते तीन वषरें सड़क पर वन अधिनियम का रोड़ा लगा है।

=============== गांव में बैठी पंचायत, नेताओं को कोसा

ग्राम प्रधान हेमा देवी के अनुसार गाव से स्कूल, अस्पताल व अन्य जरूरी सामान के लिए ग्रामीणों को रोजाना छह किमी का सफर तय करना पड़ता है। ग्रामीणों की इस पीड़ा को किसी भी नेता ने नही समझा है। इसी सिलसिले में रविवार को पंचायत बैठी। तय हुआ कि लोकसभा चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा। महासमर के बाद सड़क के लिए नए सिरे से जनांदोलन किया जाएगा।

=========== ये रहे मौजूद

हेमंत सिंह, आनंद सिंह, हिम्मत सिंह, गोधन सिंह, किशन सिंह, नंदी देवी, भगा देवी, बालम सिंह, जमुना देवी, प्रतिमा देवी, मीना देवी, पुष्पा देवी, चना देवी, हीरा देवी, मंजू देवी, चना देवी, जसोदा देवी, गंगा देवी, विमला देवी आदि।

========= ==वर्जन

स्वस्थ लोकतंत्र के लिए सभी को मतदान प्रक्रिया में हिस्सा लेना चाहिए। चुनाव का बहिष्कार करना ठीक नहीं है। इस संबंध में तोलबुधानी के ग्रामीणों की ओर से शिकायत या पत्र हमारे पास नहीं पहुंचा है। गांव के लिए सरकार सड़क को स्वीकृति दे चुकी है। वन अधिनियम की बाधा के कारण देरी हो रही है। ग्रामीणों से बात करेंगे। उन्हें मनाया जाएगा कि लोकतंत्र में मतदान का अधिकार है, बहिष्कार का नहीं। सड़क की समस्या तो दूर हो ही जाएगी।

- अभय प्रताप सिंह, एसडीएम भिक्यिासैंण

Posted By: Jagran

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