संवाद सहयोगी, चौखुटिया: एससी-एसटी एक्ट के विरोध में भारत बंद का चौखुटिया में व्यापकअसर देखने को मिला। इस दौरान शत-प्रतिशत दुकानें बंद रही तथा होटल व चाय की दुकानें भी नहीं खुली। इससे यात्रियों के साथ ही आम लोगों को भी खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सामान खरीदने पहुंचे लोगों को बंद के चलते निराश वापस घरों को लौटना पड़ा। युवाओं ने नारेबाजी कर सरकार के खिलाफ आक्रोश भी व्यक्त किया।

भारत बंद के आह्वान पर गुरुवार को यहां सुबह से ही दुकानें नहीं खुली तथा पूरे दिनभर बाजार बंद रही। दुकानदारों ने स्वेच्छा से बंद में भागीदारी की एवं अपने व्यवसायिक प्रतिष्ठान बंद रखे। होटल व चाय की दुकानें भी बंद रहने से यात्रीगण व राहगीर खाने व चाय-पानी के लिए तरस गए। मासी समेत आसपास के छोटे छोटे कस्बों में भी दुकानें बंद रही। कई स्थानों पर युवाओं ने नारेबाजी की। बंद के दौरान कोई गड़बड़ न होने पाए, इसके लिए बाजार में जगह जगह पर पुलिस के जवान तैनात रहे।

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फोटो न-6सीकेएचपी1

परिचय-भिकियासैंण में बाजार बंद का दृश्य। जागरण

भिकियासैंण: यहां भी बंद का शत-प्रतिशत असर रहा। प्रांतीय उद्योग मंडल के आह्वान पर भिकियासैंण बाजार पूर्णत: बंद रही। सब्जी, होटल, चाय की दुकानें व मेडिकल स्टोर भी नहीं खुले। इससे लोगों को खासी परेशानियां का सामना करना पड़ा। बाद में व्यापारियों ने एससी-एसटी एक्ट को निरस्त करने को लेकर राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन देने वालों में अध्यक्ष विजय लटवाल, जगत बिष्ट, मदन मेहरा, राज रौतेला, महिपाल बिष्ट, खुशाल लेगी, दिनेश सिंह, उमेश चंद्र नैनवाल, दिनेश उप्रेती, गपोपाल बिष्ट व जितेंद्र बिष्ट आदि शामिल रहे।

Posted By: Jagran