जागरण टीम, अल्मोड़ा/ रानीखेत : पर्वतीय जिलों में प्रवासियों की बढ़ती आमद और कोरोना के दो केस सामने आने के बाद गांवों में असुरक्षा व अशांति पनपने लगी है। होम क्वारंटाइन का नियम टूटने से ग्रामीण ज्यादा चिंतित हैं। ग्रामीण बाहरी राज्यों से गांव लौट रहे लोगों को आबादी से दूर सरकारी स्कूलों व पंचायत घरों में ही होम क्वारंटाइन किए जाने की पुरजोर मांग उठाने लगे हैं।

ताड़ीखेत ब्लॉक के सुदूर बयेड़ी गांव में बाहरी राज्यों से पहुंचे प्रवासियों को धर्मशाला में होम क्वारंटाइन किया गया है। ग्रामीण सावधानी बरत उनकी जरूरत का सामान भी दूर से उन्हें मुहैया करा रहे। मगर राजस्व उपनिरीक्षक के गांव में नहीं पहुंचने से लोगों में खासा रोष है। वरिष्ठ रंगकर्मी पूरन पांडे का तर्क है कि होम क्वारंटाइन किए लोगों की निगरानी प्रशासन व स्वास्थ्य कर्मियों को करनी चाहिए मगर कोई सुध नहीं ले रहा। कंडारकुआं पट्टी वालों ने भी प्रवासियों को गांव में होम क्वारंटाइन के बजाय पंचायत घरों में ठहराने की मांग उठाई है। साथ ही जहां पंचायत घर नहीं हैं, उन्हें बंद पड़े स्कूलों में क्वारंटाइन किए जाने पर जोर दिया है।

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सबसे बड़े धामस में सर्वाधिक 152 प्रवासी पहुंचे

धामस के प्रधान भगवत सिंह बिष्ट ने कहा कि जिले की सबसे बड़ी न्याय पंचायत में चार पांच मई से प्रवासियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। शासन ने प्रधानों को सूचना काफी देर से दी। ऐसे में प्रवासी कहां होम क्वारंटाइन किए जाएंगे, इसकी तैयारी नहीं की जा सकी। गुरुग्राम, जयपुर, नोएडा आदि से अब तक 152 प्रवासी पहुंच चुके हैं। ग्रामीणों के अनुसार होम क्वारंटाइन के पालन में यहां लापरवाही बरती जा रही है।

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होम क्वारंटाइन के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई : डीएम

अल्मोड़ा: होम क्वारंटाइन का ईमानदारी से पालन न करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। डीएम नितिन सिंह भदौरिया ने कहा कि संज्ञान में आया है कि बाहरी राज्यों से जिले में पहुंचे प्रवासी होम क्वारंटाइन का उल्लंघन कर रहे हैं। इससे जनसामान्य में भय की स्थिति पैदा हो रही है। उन्होंने प्रवासियों से अपील की है कि वह गृह मंत्रालय की गाइडलाइन तथा शासन प्रशासन के निर्देशों के अनुरूप होम क्वारंटाइन में रहना सुनिश्चित करें। उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जाएगी।

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भवन स्वामी भी नपेंगे

जिन भवनों में बाहरी जिलों व राज्यों से आए प्रवासी होम क्वारंटाइन किए गए हैं, यदि नियमों का उल्लंघन किया गया तो संबंधित भवन स्वामी के खिलाफ कार्रवाई होगी। डीएम ने सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि होम क्वारंटाइन का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराएं।

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'गाइड लाइन में अब होम क्वारंटाइन की अवधि सात दिन कर दी गई है। जरूरत पड़ी तो स्कूल खुलवाएंगे लेकिन भोजन, रजाई गद्दे आदि अन्य व्यवस्थाएं होम क्वारंटाइन किए गए प्रवासी के परिजनों को ही करनी होगी। साथ ही संबंधित गांव के प्रधान स्कूल खुलवाने संबंधी पत्र देंगे ताकि हम रिकॉर्ड में दर्ज कर सकें कि कहां कितने स्कूल खोले गए हैं।

- सीमा विश्वकर्मा, एसडीएम अल्मोड़ा'

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'रेड जोन से आने वाले प्रवासियों के कारण जिन गावों में परेशानी है, संबंधित ग्राम प्रधान प्रशासन व निगरानी समिति से संपर्क साध सकते हैं। उन्हें हर संभव मदद दी जाएगी।

- अभय प्रताप, एसडीएम, रानीखेत

Posted By: Jagran

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