जागरण टीम, अल्मोड़ा/ चौखुटिया/ ताड़ीखेत : पर्वतीय क्षेत्रों में अब आसमान से आफत बरसने लगी है। चौतरफा चुनौतियों वाले पहाड़ में यह वक्त गेहूं व मसूर दाल की मड़ाई के साथ ही सीजनल सब्जियों का है। ऐसे में अंधड़ व अतिवृष्टि के बीच ओलों की मार से किसान कराह उठा है। जिले में फसल उत्पादक पालंगबाड़ी (चौखुटिया ब्लॉक) में सर्वाधिक क्षति पहुंची है। आंधी जहां दिव्यांग किसान के पॉलीहाउस को ध्वस्त कर गई, वहीं ओलावृष्टि ने बड़े पैमाने पर पौधालय व सब्जी की उपज तबाह कर दी है। अंधड़ व ओलावृष्टि से यहां करीब एक लाख की क्षति का अनुमान है।

विकासखंड चौखुटिया के सुदूर पालंगबाड़ी गाव में अंधड़ से दिव्यांग किसान नरेंद्र सिंह का करीब 50 हजार की लागत वाला पॉलीहाउस तहस नहस हो गया। वह दो नाली में सब्जी उत्पादन कर रहा था। ओलावृष्टि से 35 से 40 हजार की उपज नष्ट हो गई। खीरा, कद्दू, टमाटर, पौधालय, सिमला मिर्च के पौधे तबाह हो गई। गरीब किसान के लिए लागत मूल्य वसूलना ही दूभर हो गया है।

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फलपट्टी स्याहीदेवी में खासी क्षति

फल उत्पादक क्षेत्रों में शुमार लमगड़ा ब्लॉक के साथ ही हवालबाग ब्लॉक के स्याहीदेवी, शीतलाखेत, सल्ला, नौला, मटीला में ओलों ने फलों को खासी क्षति पहुंचाई है। कुछ पेड़ों पर बौर आने के बाद फल बनने की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। अबकी फल का उत्पादन गिरने के आसार बढ़ गए हैं। उधर द्वाराहाट, सल्ट, स्यालदे आदि ब्लॉक क्षेत्रों में भी फल व सब्जियों को क्षति पहुंची है।

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ताड़ीखेत में गेहूं व मसूर पर संकट

बीडीसी सदस्य भूपेंद्र सिंह देव ने बताया कि बजीना, बमस्यूं, खुशालकोट, पातली, डौरब, बजोल गांव में खेतों से कटान कर लाया गया गेहूं खराब होने की आशंका बढ़ गई है। यही हाल तैयार मसूर दाल का भी है। इसके अलावा इन गांवों में सिमला मिर्च, टमाटर, बैगन, गोभी आदि की पैदावार पर ओलों की जबर्दस्त मार पड़ी है।

Posted By: Jagran

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