अल्मोड़ा, [जेएनएन]: दुष्कर्म के एक मामले में विशेष सत्र न्यायधीश ने अभियुक्त को पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी पाया है। कोर्ट ने दोषी को दस साल कैद और पच्चीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड जमा न करने पर अभियुक्त को छह महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। 

अभियोजन के अनुसार चार जनवरी 2018 को पीड़िता ट्यूशन पढ़ने के लिए गुमटी जा रही थी। घर वापस लौटते वक्त उसे रास्ते में पीड़िता को भिकियासैंण तहसील के भकुनिया गांव निवासी रोहित सिंह और उसका दोस्त तनुज सिंह मिले। जिन्होंने पीड़िता को जबर्दस्ती अपनी बाइक में बैठा लिया और रीची की ओर ले गए। 

रीची में तनुज सिंह बाइक से उतर गया और रोहित पीड़िता को बिंसर महादेव के जंगल में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। जिसके बाद पीड़िता के पिता ने पटवारी क्षेत्र जैना में इस मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई।

विवेचना के बाद अभियुक्त के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया और आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया गया। इस मामले का विचारण विशेष सत्र न्यायधीश डा. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा के न्यायालय में हुआ। अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता गिरीश चंद्र फुलारा और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता शेखर चंद्र नैल्वाल, विशेष लोक अभियोजक भूपेंद्र कुमार जोशी ने इस मामले की सबल पैरवी की जबकि निर्भया प्रकोष्ठ की अधिवक्ता अभिलाषा तिवारी ने भी इस मामले में अपना सहयोग दिया। 

न्यायालय में इस मामले में ग्यारह गवाहों को परीक्षित कराया गया था। जिसके बाद विशेष सत्र न्यायधीश डा. शर्मा ने अभियुक्त रोहित सिंह पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी पाया और दस साल कैद और पच्चीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। विशेष सत्र न्यायाधीश ने अर्थदंड की राशि को पर्याप्त नहीं मानते हुए पीड़िता के सामाजिक और आर्थिक पुनर्वास के लिए सात लाख रुपये राज्य सरकार से दिलाए जाने के आदेश भी पारित किए हैं।

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