संवाद सहयोगी, चौखुटिया: आम जनता को सुविधाएं मुहैया कराने के नाम पर दावे तो खूब हो रहे हैं, मगर धरातल पर हालात ठीक नहीं हैं। कार्यदायी संस्थाओं की घोर लापरवाही के चलते योजनाओं को धरातल पर उतारने या फिर निर्माण कार्य पूर्ण कराने में लंबा बख्त लगना आम बात हो गई है। नतीजा सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर लोगों को नहीं मिल पा रहा है। ऐसा ही कुछ हाल यहां बाजार अंतर्गत बन रहे टैक्सी स्टेंड का है, जो दो वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी तैयार नहीं हो सका है।

बाजार क्षेत्र में सीजन में बढ़ती जाम की स्थिति के मद्देनजर लोगों के दवाब पर टैक्सी स्टेंड निर्माण हेतु गैरसैंण विकास प्राधिकरण मद से वर्ष 2015 में 29 लाख की धनराशि स्वीकृत हुई। निर्माण कार्य का जिम्मा ग्रामीण अभियंत्रण सेवा भिकियासैंण डिवीजन को दिया गया तथा वर्ष 2015-16 में यहां सरस्वती शिशु मंदिर के पास सड़क किनारे टैक्सी स्टेंड का निर्माण कार्य शुरू भी हो गया, लेकिन इसे ठेकेदार की लापरवाही कहें या फिर विभाग की उदासीनता। करीब दो साल में भी स्टेंड बनकर तैयार नहीं हो पाया है।

वर्षो में महज टैक्सी स्टेंड का ढांचा ही बनकर खड़ा हुआ है। जबकि समूचे बाजार क्षेत्र अंतर्गत वाहन पार्किंग की अन्य कोई व्यवस्था नहीं है। इससे अक्सर यातायात व्यवस्था बाधित रहती है। सीजन में तो बार बार जाम लगने की समस्या उत्पन्न हो जाने से राहगीरों को खासी दिक्कतें उठानी पड़ती है। बैठकों में बार बार मुद्दा उठने के बाद भी नतीजा सिफर रहा है। ऐसे में व्यापारियों व टैक्सी वाहन चालकों में रोष है। मांग है कि शीघ्र ही निर्माण कार्य पूर्ण किया जाए।

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चौखुटिया में टैक्सी स्टेंड तैयार होने में जरूर विलंब हुआ है। इसका कारण धनराशि अवमुक्त न हो पाना है। अब शासन से 22 लाख की धनराशि अवमुक्त हो गई है, कार्य में तेजी लाई जाएगी तथा एक माह के अंतर्गत कार्य पूर्ण करा लिया जाएगा। संजय शर्मा सहायक अभियंता, ग्रामीण अभियंत्रण सेवा भिकियासैंण।

Posted By: Jagran