संवाद सहयोगी, अल्मोड़ा : पं. गोविंद बल्लभ पंत हिमालयी पर्यावरण विकास संस्थान में स्कूली बच्चों के लिए प्रकृति शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें विभिन्न विद्यालयों की छात्राएं विभिन्न पहलुओं से रूबरू हुई।

इस शिविर का शुभारंभ संस्थान के निदेशक डॉ. आरएस रावल ने किया। कहा कि विविधता ही हमारी विरासत है, जिसे हमें बचाना है, इसे बचाने तथा आगे ले जाने के लिए सोचना तथा इसके लिए पूरे मनोयोग से काम भी करना है। उन्होंने बालिका सशक्तीकरण पर जोर देते हुए कहा कि इस वर्ष का यह शिविर बालिका विशेष है। जो बालिका सशक्तीकरण की दिशा में एक प्रयास है। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. आईडी भट्ट ने सभी प्रतिभागियों को प्रकृति के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराते हुए इस शिविर का लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने बालिकाओं को हिमालय के प्राकृतिक परिदृश्य को समझाते हुए इसकी उपयोगिता से अवगत कराया। कहा कि प्रकृति से सीखने व समझने के लिए इस प्रकार के शिविर महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने शिविर में अर्जित ज्ञान को भविष्य में कार्यान्वयन किए जाने पर जोर दिया। संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. आरसी सुंदरियाल ने प्रकृति के घटकों से शिविरार्थियों को अवगत कराया। वैज्ञानिक डॉ. सुबोध ऐरी ने शिविरार्थियों को प्रोत्साहित किया। विद्यार्थियों को मुख्यत: पेड़ पौधों उनकी आकृति, विभिन्न प्रकार के पशु-पक्षी व जीव जंतुओं के पारस्परिक संबंधों के बारे में प्रयोगात्मक रूप से समझाया। शिविर में राइंका हवालबाग, चौरा, बिरौड़ा, कनरा तथा राजकीय इंटर कालेज स्यालीधार की बालिकाओं ने भागीदारी की। संचालन शोधार्थी रेनू सुयाल तथा रवि पाठक ने संयुक्त रूप से किया। शिविर के संचालन में डॉ. सुबोध ऐरी, विक्रम नेगी, आशीष पांडे, अमित बहुखंडी, कुलदीप जोशी, विवेक रावत ने सहभागिता निभाई।

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डीके जोशी

Posted By: Jagran