स्वाइन फ्लू के बाद अब उत्तराखंड में स्क्रब टाइफस ने बढ़ाई चिंता, 165 की जांच में 36 संक्रमित
अल्मोड़ा में स्वाइन फ्लू के बाद अब स्क्रब टाइफस ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। सितंबर में 165 ...और पढ़ें

स्वाइन फ्लू के बाद अब स्क्रब टाइफस की दस्तक।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
हेमंत बिष्ट, अल्मोड़ा। जनपद में स्वाइन फ्लू के खतरे के बीच अब स्क्रब टाइफस ने भी स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है।
सितंबर में बेस अस्पताल की माइक्रोबायोलाजी लैब में स्क्रब टाइफस की आशंका में 165 लोगों की जांच की गई, जिसमें 36 में संक्रमण की पुष्टि हुई है। इनमें चार मरीजों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि अन्य मरीज चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार घर पर उपचार ले रहे हैं। संक्रमण के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी 11 ब्लाकों में निगरानी बढ़ा दी है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार स्वाइन फ्लू के चार मामले सामने आने के बाद पहले से ही सतर्कता बरती जा रही थी। अब स्क्रब टाइफस के मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य केंद्रों को भी अलर्ट किया गया है। सभी सीएचसी में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) को संदिग्ध लक्षण वाले मरीजों की पहचान कर उन्हें तत्काल उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। गंभीर मरीजों को मुख्यालय स्थित अस्पताल में आईसीयू समेत आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी मिले संक्रमित
बेस अस्पताल के माइक्रोबायोलाजी विभाग के अनुसार जांच में संक्रमित मिले मरीजों में अल्मोड़ा नगर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भी शामिल हैं। चिकित्सकों ने लोगों से लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने और समय पर जांच कराने की अपील की है। बीते साल धौलादेवी ब्लाक में पिछले साल स्क्रब टाइफस से चार से अधिक लोगों की मौत भी हुई थी।
क्या है स्क्रब टाइफस?
स्क्रब टाइफस ओरिएंटिया त्सुत्सुगामुशी नामक बैक्टीरिया से होने वाला संक्रमण है। यह संक्रमित चिगर्स यानी लार्वा माइट्स के काटने से फैलता है। झाड़ियों, घास और ग्रामीण क्षेत्रों में इसके संक्रमण का खतरा अधिक रहता है।
लक्षण
- तेज बुखार और ठंड लगना
- तेज सिरदर्द व मांसपेशियों में दर्द
- काटने वाली जगह पर काला घाव या निशान
- शरीर पर लाल चकत्ते पड़ना
बचाव के लिए सावधानी जरूरी
झाड़ियों और अधिक घास वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी गई है। ऐसे स्थानों पर जाना जरूरी हो तो पूरी बाजू के कपड़े पहनकर शरीर को ढककर रखने को कहा गया है। बुखार या अन्य लक्षण दिखाई देने पर स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सक से परामर्श लेने की सलाह दी गई है।
स्क्रब टाइफस को लेकर विभाग पूरी तरह सतर्क है। जिले में लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं और सभी ब्लाकों में निगरानी बढ़ाई गई है। संदिग्ध मरीजों की समय पर पहचान और उपचार के लिए स्वास्थ्य कर्मियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
-डा. कमलेश जोशी, जिला सर्विलांस अधिकारी, अल्मोड़ा
सितंबर में स्क्रब टाइफस की आशंका में 165 लोगों की जांच की गई, जिनमें 36 में संक्रमण की पुष्टि हुई है। संक्रमित मरीजों में मुख्यालय के साथ ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भी शामिल हैं।
डा. विक्रांत नेगी, असिस्टेंट प्रोफेसर, माइक्रोबायोलाजी विभाग, बेस अस्पताल अल्मोड़ा
