संवाद सहयोगी, अल्मोड़ा : दुर्घटना बीमा के एक मामले में जिला उपभोक्ता फोरम ने याचिकाकर्ता को बीमे की राशि के साथ ही मानसिक क्षतिपूर्ति और वाद व्यय देने के आदेश दिए हैं। निर्धारित समय पर भुगतान न होने पर सात प्रतिशत ब्याज के साथ भुगतान अदा करना होगा।

तहसील के तल्ली चौनली गांव निवासी पूनम देवी ने उपभोक्ता फोरम में दर्ज याचिका में कहा है कि उनके पति डिगर सिंह ने प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत स्टेट बैंक में एक खाता खोला था। खाता खोलते समय ही उक्त योजना के तहत एसबीआइ जनरल इंश्योरेंस कंपनी ने उनके पति का दो लाख रुपये का दुर्घटना बीमा भी किया। याचिका में कहा गया है कि 25 नवंबर 2015 को सिकुड़ा बैंड के पास वाहन संख्या यूके-01-टीए-0053 दुर्घटनाग्रस्त हो गया था जिसमें उनके पति की गंभीर चोटों के कारण मौत हो गई जिसके बाद याचिकाकर्ता ने बीमा कंपनी से दुर्घटना बीमा की राशि देने की मांग की लेकिन उन्हें क्लेम नहीं दिया गया। क्लेम न मिलने पर उन्होंने जिला उपभोक्ता फोरम में अपनी याचिका दर्ज की। इस मामले का विचारण फोरम के सदस्य प्रभात कुमार चौधरी और लीला जोशी की मौजूदगी में अध्यक्ष डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा के न्यायालय में हुआ। लिखित और मौखिक साक्ष्यों पर विचारण के बाद डॉ. शर्मा ने इंश्योरेंस कंपनी को याचिकाकर्ता को बीमा राशि दो लाख देने के आदेश दिए। इसके साथ ही बीमा कंपनी को मानसिक क्षतिपूर्ति के लिए पच्चीस हजार और वाद व्यय के लिए पांच हजार रुपये अतिरिक्त देने होंगे। निर्धारित तिथि तक भुगतान न होने पर सात प्रतिशत की दर से ब्याज भी देना होगा।

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