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आपको भी महसूस हो रहे ये तीन लक्षण तो बंद करें हेडफोन का इस्तेमाल, कानों के लिए खतरा... टिनिटस के मरीज बढ़े

Published: Sun, 27 Sep 2026 12:33 PM (IST)Updated: Sun, 27 Sep 2026 12:41 PM (IST)

हेडफोन के अत्यधिक इस्तेमाल से कानों की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है, जिससे टिनिटस के मरीजों की संख्या बढ़ रही है।

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संवाद सहयोगी, अल्मोड़ा। मोबाइल फोन आज जिंदगी का अहम हिस्सा बन गया है। युवा और किशोर मोबाइल पर लंबे समय तक हेडफोन का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसका असर अब कानों की सेहत पर भी पड़ रहा है। बेस अस्पताल के ईएनटी विभाग में रोजाना टिनिटस की समस्या से पीड़ित छह से अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।

बेस अस्पताल के ईएनटी सर्जन डा. अमित आर्या ने बताया कि टिनिटस की समस्या कई मामलों में अस्थायी होती है, लेकिन कुछ लोगों में यह लंबे समय तक बनी रह सकती है।

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लंबे समय तक समस्या रहने पर सुनने की क्षमता भी प्रभावित हो सकती है। बताया कि टिनिटस मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है। पहला सब्जेक्टिव टिनिटस, जिसमें आवाज केवल मरीज को सुनाई देती है। दूसरा ऑब्जेक्टिव टिनिटस, जिसमें चिकित्सकीय परीक्षण के माध्यम से समस्या का पता लगाया जा सकता है।

लक्षण

  • कान में घंटी या सीटी बजने जैसी आवाज सुनाई देना।
  • कान में भिनभिनाने या गरजने जैसी आवाज महसूस होना।
  • बिना किसी बाहरी स्रोत के लगातार या रुक-रुककर आवाज सुनाई देना।

बचाव

  • तेज आवाज के संपर्क में आने से बचें।
  • हेडफोन का इस्तेमाल सीमित करें और आवाज कम रखें।
  • मोबाइल पर बातचीत के दौरान स्पीकर या हैंड्स-फ्री का प्रयोग करें।
  • नियमित व्यायाम और स्वस्थ दिनचर्या अपनाएं।