जागरण संवाददाता, अल्मोड़ा: सूचना का अधिकार भारत के नागरिकों का एक मौलिक अधिकार है यह अधिकार सरकार और उसके अधिकारियों को कामकाज के तौर तरीकों में बदलाव लाने का अवसर प्रदान करता है। नागरिकों द्वारा सूचना की मांग वास्तव में शासन में पारर्दिशता जनता के प्रति जबाबदेही को प्रोत्साहित करता है यह विचार बहुउददेशीय भवन तहसील परिसर में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला के अवसर पर नोडल अधिकारी डा. आरएस टोलिया ने कही।

प्रथम दिवस में उप निदेशक डा.आरके पाण्डे प्रशासनिक अकादमी की अध्यक्षता में प्रशिक्षण दिया गया। जिसमें लोक सूचना अधिकारियों को अधिनियम का उद्देश्य, लोक अधिकारी के कार्य एवं दायित्व, प्रथम अपीलीय अधिकारी का दायित्व पर 50 प्रशिक्षर्णिथयों को यह प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने लोक सूचना अधिकारियों से कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम के मामलों के निस्तारण में पूर्ण सावधानी बरतने के साथ-साथ सूचना के लिए जो आवेदन प्रक्रिया है उसके बारे में बताया और अधिनियम के अनुसार कार्यालय में धारित अभिलेखों को आवेदक को अधिनियम में निहित प्राविधानों अनुसार लिया जा सकता है जो सूचना उनके विभाग से सम्बन्धित नहीं है उसके सूचना के अनुरोध को दूसरे प्राधिकारी को हस्तान्तरित कर दिया जाए ताकि आवेदक को किसी प्रकार की परेशानी न हो। आज की द्वितीय दिवस में सूचना अधिकार से सम्बन्धित एक प्रश्न पत्र भी उनसे हल कराया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में पटल सहायक भवगत ¨सह भण्डारी, अब्दुल रिजवान सहित समस्त प्रथम अपीलीय अधिकारी व लोक सूचना अधिकारी उपस्थित थे।

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