संवाद सहयोगी, अल्मोड़ा : विकास खंड भैंसियाछाना के ग्रामीण क्षेत्रों की तमाम समस्याओं के निस्तारण की मांग ग्रामीणों ने अधिकारियों से की है। ग्रामीणों ने कहा है कि बुनियादी सुविधाओं के अभाव में ग्रामीण गांव छोड़ने को मजबूर हैं। लेकिन इसके बाद भी उनकी बुनियादी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है।

भैंसियाछाना के छानी गांव में धर्म निरपेक्ष मंच के बैनर तले आयोजित बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि यह गांव कृषि प्रधान गांव है। यहां के साठ से सतर प्रतिशत लोग खेती से ही अपनी आजीविका चलाते हैं। लेकिन सिंचाई की कोई ठोस व्यवस्था न होने के कारण यहां के किसानों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बैठक में ग्रामीणों ने कहा उन्हें पहले तो बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। ऊपर से रही सही कसर जंगली जानवरों के आतंक ने पूरी कर दी है। वक्ताओं ने कहा कि अगर क्षेत्र के बिंसर गधेरे से सिंचाई की व्यवस्था की जाए तो छानी सुपई, नैनवाल खोला, दिगोली, बिजोली समेत अनेक गांवों को सिंचाई की सुविधा मिल सकती है। बैठक में तय किया गया कि शीघ्र ही क्षेत्र की समस्याओं के निस्तारण के लिए शीघ्र एक शिष्टमंडल जिलाधिकारी से मुलाकात करेगा और उन्हें क्षेत्र की समस्याओं के बारे में जानकारी देगा।

बैठक में विनय किरौला, बिशन सिंह बिष्ट, आनंद सिंह, दीवान सिंह, देवेंद्र भोजक, ललित मोहन पंत, महादेवी सुप्याल, जगदीश सिंह, हरीश भट्ट, निरंजन पांडे, अमित चौधरी, कमल जोशी, नवीन पांडे, दीप पांडे, रमा सुप्याल, नंदी देवी, देवेंद्र सुप्याल समेत अनेक लोग मौजूद रहे।

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