उत्तराखंड की रेबेका ने माउंट एवरेस्ट पर फहराया तिरंगा, पहले भी कई चोटियां जीत चुकी है जांबाज बेटी
रानीखेत की बेटी रेबेका सिंह ने माउंट एवरेस्ट की चोटी फतह कर तिरंगा और बीएसएफ का ध्वज फहराया। उन्होंने यह ...और पढ़ें

18848.86 मीटर की चोटी पर फहराया तिरंगा व बीएसएफ का ध्वज

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
संवाद सहयोगी, रानीखेत। स्वच्छ हिमालय व ग्लेशियर बचाने का संदेश लेकर चले पर्वतारोहण अभियान में रानीखेत की बेटी रेबेका सिंह ने दुनिया की सबसे ऊंचे माउंट एवरेस्ट की चोटी फतेह की है।
सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की जांबाज ने 18848.86 मीटर ऊंचे शिखर पर तिरंगा व बल का ध्वज फहराकर महिला सशक्तीकरण की मिसाल भी कायम की है। इससे पहले भी रेबेका सिंह हिमालय पर्वतमाला की माउंट मुकुट समेत कई चोटियों पर विजय पताका फहरा चुकी हैं।
वंदेमातरम बीएसएफ महिला पर्वतारोहण अभियान
रानीखेत के चौकुनी निवासी कुंदन सिंह व रुथ सिंह के घर जन्मी रेबेका सिंह के हिमालय की ऊंची चोटियों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के जनून का ही परिणाम है कि इस बाद बीएसएफ के हीरक जयंती वर्ष पर वंदेमातरम बीएसएफ महिला पर्वतारोहण अभियान माउंट एवरेस्ट (18848.86 मीटर) का हिस्सा बनी।
एवरेस्ट बेस कैंप वापस पहुंचने पर रेबेका सिंह ने बताया कि माउंट एवरेस्ट व माउंट ल्होत्से पर तिरंगे के साथ बीएसएफ का ध्वज फहरा महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के मकसद से बल के महानिदेशक प्रवीण कुमार ने अभियान दल को बीते छह अप्रैल को दिल्ली से रवाना किया।
रेबेका सिंह की अगुआई में दल ने बीते 21 मई को दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा और सीमा सुरक्षा का झंडा फहराने में सफलता हासिल की है।
यह भी पढ़ें- कामी रीता शेरपा ने 32वीं बार माउंट एवरेस्ट पर की चढ़ाई, तोड़ा अपना ही विश्व रिकॉर्ड
यह भी पढ़ें- पीक सीजन में रुकी माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई, बेस कैंप के आगे खड़ी हो गई बर्फ की दीवार; सैकड़ों पर्वतारोही फंसे
