जागरण संवाददाता, अल्मोड़ा : वन भूमि हस्तारण से लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी लाने के साथ-साथ जो भी आपत्तियां हैं उनका निस्तारण समय के अंदर कराना सुनिश्चत किया जाए। यह निर्देश केन्द्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने आज जीबी पंत हिमालयन एवं पर्यावरण संस्थान कोसी कटारमल में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में दिए।

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार में अभी तक कोई मामला लंबित नहीं है। यदि कोई मामला लंबित है तो वह नोडल अधिकारी व राज्य के वन मंत्रालय में लंबित होगा उसके लिए कार्यदायी संस्था व वन विभाग के अधिकारियों को व्यक्तिगत रूचि लेनी होगी। केन्द्रीय वन मंत्री ने कहा कि अब वन भूमि हस्तान्तरण से संबंधित मामले आनलाइन प्रक्रिया के तहत निस्तारित किए जा रहे हैं। उन्होंने डीएम को निर्देश दिये कि वे सभी मामलों की समीक्षा अपने स्तर से करें और जिन मामलों का निस्तारण संभव न हो उन्हें केंद्र सरकार को भेजें। इस अवसर पर भारत सरकार के पर्यावरण सचिव सीके मिश्रा ने सभी मामलों के बारे में विस्तृत रूप से वनाधिकारियों को बताया और निर्देश दिये कि अधिकतर मामले वनाधिकारी स्तर पर निस्तारित हो सकते हैं। उसे अपने स्तर से निस्तारित करें। उन्होंने कहा कि वे सचिव वन भारत सरकार व सचिव वन उत्तराखंड से भी वार्ता करेंगे। इस अवसर पर केन्द्रीय कपड़ा राज्यमंत्री अजय टम्टा ने कहा कि लोक सभा क्षेत्र में अनेक सड़कें वन अधिनियम के कारण लम्बित है उनका निस्तारण यथा सम्भव हो सके इसके लिए यह बैठक आयोजित की गयी है। इस पर केन्द्रीय वन मंत्री ने कहा कि जो मामले लंबित हैं उनका निस्तारण शीघ्र कर दिया जायेगा। विधायक कपकोट बलवन्त भौर्याल, द्वाराहाट महेश नेगी व गंगोलीहाट मीना गंगोला ने अपने-अपने क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराया और निस्तारण की मांग की। डीएम नितिन सिह भदौरिया ने इस अवसर पर जनपद के लम्बित मामलो की विस्तृत जानकारी दी और आश्वस्त किया कि वे अपने स्तर से सभी लंबित मामलों की समीक्षा करेंगे ताकि मामलों का निस्तारण यथा समय हो सके। डीएम ने लोक निर्माण विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, राष्ट्रीय राजमार्ग और वन विभाग के अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा की। इस महत्वपूर्ण बैठक में सीडीओ मयूर दीक्षित, उप वन संरक्षक आईडी ¨सह, वनाधिकारी पंकज कुमार, लोक निर्माण, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारी व एसडीएम विवेक राय, केन्द्रीय नोडल अधिकारी भी उपस्थित थे।

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