जागरण संवाददाता, अल्मोड़ा : पंडित गो¨वद बल्लभ पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण एवं सतत विकास संस्थान के वाíषक समारोह में भाग लेने आए केंद्रीय सचिव पर्यावरण एसके मिश्रा ने मंगलवार को परिसर का भ्रमण किया। इस दौरान संस्थान की तरफ से चीड़ की पत्तियों से बनाए जा रहे गत्ता व कागज बनाने की यूनिट का निरीक्षण किया। इस मौके पर बनने वाले उत्पादों की उनकी तरफ से सराहना की गई।

केंद्रीय सचिव एसके मिश्रा ने यहां पर चीड़ की पत्तियों से बनाए जा रहे फाइल कवर, फोल्डर, कैरी बैग आदि उत्पादों को देखा। उनका कहना था कि पर्यावरण संरक्षण के लिए संस्थान बेहतर व अनूठे प्रयास कर रहा है। उनका कहना था कि इन उत्पादों का निर्माण बड़े स्तर पर करने की आवश्यकता है। इससे इन उत्पादों को देश के विभिन्न हिस्सों में पहुंचाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि इसको बढ़ावा देने के हर संभव मदद दिया जाएगा। सचिव ने कहा कि गर्मियों में पहाड़ों के चारों तरफ आग लगने से बड़ी मात्रा में वन संपदा जलकर खाक हो जाती है। इससे पर्यावरण को काफी क्षति होती है। उन्होंने कहा कि चीड़ की पत्तियों का इस प्रकार सदुपयोग कर जंगलों को आग से बचाया जा सकेगा वहीं इनके उत्पादों से स्थानीय निवासियों को रोजगार भी दे सकेंगे।

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चीड़ की पत्तियों से आजीविका सुधार

केंद्रीय सचिव ने एकीकृत प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन द्वारा सतत आजीविका सुधार के तहत तैयार की गई दो पुस्तिकाओं चीड़ की पत्तियां, आजीविका का एक उत्तम साधन व अदरक की उन्नत खेती, पर्यावरण एवं आजीविका संवर्धन का एक साधन का विमोचन भी किया। इस मौके पर संस्थान के निदेशक डॉ. रणबीर ¨सह रावल, नोडल अधिकारी व वैज्ञानिक इंजीनियर किरीट कुमार, डॉ. आरसी सुंद्रियाल, चीड़ पत्ती प्रसंस्करण इकाई के प्रभारी इंजीनियर आरके ¨सह को बधाई दी। इस मौके पर महिला हाट के प्रतिनिधि राजेंद्र कांडपाल मौजूद रहे।

Posted By: Jagran