संस, अल्मोड़ा : पर्वतीय राज्य में हिमाचल की तर्ज पर कड़े भू-कानून की पुरजोर वकालत करते हुए जुलूस निकाला गया। पहाड़ में जमीनों की अवैध खरीद-फरोख्त का आरोप लगा प्रदर्शनकारियों ने कहा कि भूमाफिया बागवानी व अन्य प्रायोजनों की आड़ में भूमि खरीद बेनाप व गरीब ग्रामीणों की जमीनों पर कब्जा जमाने लगे हैं। जनगीतों के बीच कृषि भूमि की खरीद में दी गई छूट संबंधी आदेश को निरस्त करने की मांग भी उठाई गई।

भूमि बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले गुरुवार को जिला मुख्यालय से न्याय देवता गोलू की तपोस्थली चितई तक जुलूस निकाला गया। नुक्कड़ नाटकों के जरिये राज्य की अस्मिता, प्राकृतिक संसाधनों, जल, जंगल व जमीन बचाने के लिए ग्रामीणों से सजग रहने का आह्वान किया गया। उपपा के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने आरोप लगाया कि एक प्रभावशाली व्यक्ति ने मैन्योली (चितई) में 108 नाली जमीन बागवानी के नाम पर खरीदी। धीरे धीरे करीब 400 नाली बेनाप भूमि पर अवैध कब्जा जमा लिया। गांव के सार्वजनिक मार्ग पर तारबाड़ कर बंद कर दिया गया है। निहित स्वार्थो के लिए चितई पंत पेटशाल बाईपास रोड के निर्माण पर भी रोड़ा डाला जा रहा है।

उन्होंने त्रिवेंद्र सरकार में कृषि भूमि की असीमित खरीद फरोख्त की छूट संबंधी कानून को निरस्त किए जाने पर जोर दिया। केंद्रीय सचिव आनंदी वर्मा ने कहा कि गरीब ग्रामीणों की जमीनों को कब्जामुक्त करने के लिए एकजुट होकर संघर्ष किया जाएगा। दीवान सिंह, प्रकाश चंद्र, हिमाशु पाडे, किरन आर्या, हीरा देवी, जमन सिंह, भारती पाडे, हिमाशु बोरा, सौरभ पाडे आदि ने भी कड़े भूकानून की मांग की। जुलूस में नीता टम्टा, मुन्नी बोरा, नीमा पाडे, गंगा देवी, हेमा रावत, गोपाल राम, गिरीश पाडे, राजू गिरि, गिरीश चंद्र, पूरन चंद्र, मोहन चंद्र, राजेश पंत, मनोज कुमार, कमला देवी, भारती पाडे, दीपाशु पाडे आदि शामिल रहे।

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