संवाद सहयोगी, अल्मोड़ा : पैदा होने के एक दिन बाद ही नवजात कन्या को सड़क किनारे छोड़ देने संबंधी अमानवीय कृत्य के खुलासे को पुलिस प्रशासन ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। पूरी धारानौला चौकी को तहकीकात में लगा कुछ विशेषज्ञ दरोगाओं को इसमें लिप्त लोगों तक पहुंचने का जिम्मा दिया गया है। वहीं घटनास्थल से जुड़ने वाले प्रमुख मार्गो पर लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे हैं। ताकि पता लग सके कि आखिर कौन बच्ची को यहां छोड़ गया। इसके अलावा भ्यारखोला व ओढ़खोला मोहल्ले में महिलाओं व पुरुषों से अलग अलग पूछताछ कर टोह ली जा रही।

राजपुर वार्ड के भ्यारखोला व ओढ़खोला मोहल्ला के बीच 20 नवंबर की रात सड़क किनारे नवजात बच्ची को छोड़े जाने के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। एनटीडी से धारानौला तथा करबला तिराहे से धारानौला रूट पर लगे सभी सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे हैं। सीओ वीर सिंह के निर्देश पर प्रभारी कोतवाल अशोक कांडपाल ने पूरी धारानौला चौकी को बच्ची के साथ अमानवीय व्यवहार करने वालों का पता लगाने के लिए झोंक दिया है।

कुछ विशेषज्ञ दरोगाओं व अनुभवी पुलिस कर्मियों से भी मदद ली जा रही ताकि मामले की तह तक पहुंचा जा सके। पुलिस टीम ने शनिवार को भी क्षेत्र में जाकर महिलाओं व पुरुषों से अलग अलग टोह ली। प्रभारी कोतवाल के अनुसार हर एंगल से तहकीकात की जा रही है।

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बार बार बेटी जनने की सजा तो नहीं दी

पुलिस को अंदेशा है कि यह अमानवीय कृत्य बिन ब्याही मां नहीं कर सकती। इसके पीछे बार बार बेटी जनने को ही मुख्य वजह मानी जा रही। बहरहाल, पुलिस सीसीटीवी फुटेज के सहारे बच्ची को यहां लाकर सड़क किनारे छोड़ने वाले तक पहुंचने की कोशिश कर रही।

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ये था पूरा मामला

बीती 20 नवंबर की रात राजपुर वार्ड से होकर गुजर रही मुख्य सड़क किनारे बच्ची के रोने की आवाज सुनी गई। कोई निर्मोही मां अपनी नवजात बच्ची को खुले आसमान के नीचे ठिठुरन के बीच छोड़ गई थी। आवारा कुत्तों का झुंड उसे नुकसान पहुंचाने पर आमादा था। बाइक सवार तीन युवकों ने स्थानीय लोगों को बुलवा कर उसे बचा कर बेस अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद बच्ची को एसटीएच हल्द्वानी में भर्ती कराया गया। जहां वह अब भी जिंदगी की जंग लड़ रही है।

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