संवाद सहयोगी, अल्मोड़ा: महिलाओं के लिए पैप स्मीयर टेस्ट की सुविधा अब जिला अस्पताल में शुरू की गई है। इस पैप टेस्ट से बच्चेदानी के मुख का कैंसर का पूर्व में ही पता लगाया जा सकेगा। अस्पताल के पैथोलॉजी में इसकी सारी सुविधाएं उपलब्ध कराई दी गई हैं। अब इस टेस्ट के लिए मैदानी क्षेत्रों का रुख नहीं करना पडे़गा।

जिला अस्पताल में बच्चेदानी का कैंसर का पता लगाने के लिए जहां इसके लिए विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती की गई है वहीं टेस्ट के लिए आवश्यक उपकरणों को भी लगाए गए है। अस्पताल में तैनात की गई एमडी पैथोलॉजी डॉ. प्रेरणा ने बताया कि पैप स्मीयर टेस्ट 21 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिलाएं करा सकती हैं। इस टेस्ट के द्वारा महिलाओं में बच्चेदानी में कैंसर का पूर्व में ही पता लगाया जा सकता है। यह देखा जा सकता है कि बच्चेदानी में कैंसर के लक्षण तो नहीं है। उन्होंने कहा कि इसके लिए बच्चेदानी के निचले भाग से कोशिकाएं ली जाती हैं जिन्हें कांच की स्लाइड में रख कर इसको एल्कोहाल में डालकर आगे का परीक्षण किया जाता है। इस टेस्ट से बच्चेदानी की स्थिति का पता लगाया जा सकता है। पैप स्मीयर टेस्ट से गर्भाशय ग्रीवा के उन बदलावों का पता लग सकता है जो भविष्य में कैंसर के रूप में बदल सकता हैं। गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर की संभावनाओं को रोकने का सबसे पहला कदम पैप स्मीयर टेस्ट है। जिसके द्वारा उनकी असामान्यताओं का पता चलता है। जिला अस्पताल के पीएमएस डॉ. प्रकाश वर्मा ने कहा कि इस टेस्ट की सुविधा अस्पताल के पैथोलॉजी में शुरू कर दी गई है। इसके लिए चिकित्सक की तैनातीे हो चुकी हैं। अब इस टेस्ट के लिए पर्वतीय क्षेत्र के मरीजों को बाहर नहीं जाना पडे़गा।

Posted By: Jagran

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