संस, अल्मोड़ा: विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (वीपीकेएएस) एवं जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पंतनगर के बीच समझौता ज्ञापन में हस्ताक्षर किए गए हैं। इसके तहत दोनों संस्थानों में विद्यमान प्रयोगशाला, प्रक्षेत्र, पुस्तकालय एवं सुविधाओं का आपस में उपयोग कर सकेंगे। वहीं, समझौते के तहत दोनों संस्थान संयुक्त रूप से अनुसंधान परियोजनाएं बनाएंगे। दोनों संस्थानों के आपसी समन्वय से निश्चित ही शोध छात्रों को अध्ययन और शोध में लाभ मिलेगा। विषय विशेषज्ञों से किसी भी समस्या के समाधान को लेकर आवश्यक विचार-विमर्श कर निर्णय तक पहुंचा जा सकेगा।

करार के तहत पंतनगर विश्वविद्यालय में एमएससी व पीएचडी कर रहे विद्यार्थी कृषि एवं कृषि संबंधित विषयों का विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान में शोध कर सकेंगे। वैज्ञानिक ज्ञान व सूचना का आदान-प्रदान होगा। संस्थानों की ओर से विकसित प्रौद्योगिकी दोनों संस्थान प्रसारित करेंगे। वहीं, एक-दूसरे की बीज सामग्री उपयोग करेंगे लेकिन मूल स्त्रोत को पूरा श्रेय देंगे। पर्वतीय क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण तकनीकियों का आदान-प्रदान तथा मूल्यवर्धित प्रौद्योगिकियों, उत्पादों का प्रबंधन व व्यावसायीकरण भी इस करार में शामिल है। विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के परामर्श से संस्थान के वैज्ञानिक शोध अनुसंधान सदस्य, अनुसंधान सलाहकार समिति के अध्यक्ष व सह-अध्यक्ष के रूप में नामित किए जा सकेंगे।

जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पंतनगर के कुलपति डा. तेज प्रताप की उपस्थिति में विवेकानंद संस्थान के निदेशक डा. लक्ष्मी कांत एवं जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता, स्नातकोत्तर महाविद्यालय डा. किरन पीरावेरकर ने इस समझौता ज्ञापन में हस्ताक्षर किए हैं। इस मौके पर वीपीकेएएस के डा. जेके बिष्ट, डा. केके मिश्रा, डा. बीएम पांडेय आदि मौजूद रहे।

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