डीके जोशी, अल्मोड़ा : जिले के विभिन्न विभिन्न विकास खंडों में 53 हेक्टेयर क्षेत्रफल में नए फल उद्यान विकसित किए जाएंगे। इन नए उद्यानों में जल्द ही कीवी, सेब, खुबानी, आड़ू व अखरोट के पौधों का रोपण किया जाएगा। इसके लिए उद्यान विभाग इन दिनों कार्ययोजना तैयार करने में जुटा है।

जिले में उद्यानों का रकबा बढ़ाने के लिए विभाग ने कसरत तेज कर दी है। जिले के हवालबाग, ताकुला, द्वाराहाट, चौखुटिया, भिकियासैंण, स्याल्दे, सल्ट, ताड़ीखेत, लमगड़ा, धौलादेवी व भैसियाछाना में 53 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में फलों के उद्यान विकसित किए जाने की दिशा में कार्य शुरू कर दिया गया है। इसमें सर्वाधिक 15-15 हेक्टेयर में आड़ू व अखरोट तथा सबसे कम 5 हेक्टेयर में सेब के पौंधों का रोपण किया जाएगा। हार्टिकल्चर टेक्नोलॉजी मिशन के अंतर्गत इन नए विकसित किए जाने वाले उद्यानों में इन प्रजातियों के फलों के पौंधों का रोपण दिसंबर आखिरी सप्ताह में किया जाएगा। इसके लिए किसानों के चयन की प्रक्रिया इन दिनों गतिमान है। जिले में संचालित 36 सचल दल केंद्रों के माध्यम से इन दिनों फलों के पौधों के रोपण के लिए गड्ढा खुदान का कार्य चल रहा है। यह कार्य पूरा होने के बाद बारिश के पश्चात पौधों के रोपण का कार्य किया जाएगा। जिसे विभाग ने माह जनवरी में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। विदित हो कि इससे पूर्व वर्षाकाल में विभाग की ओर से जिले के 55 हेक्टेयर क्षेत्रफल में उद्यान विकसित किए जा चुके हैं। -------------

किस फल का रोपण कितने हेक्टेयर में

फल हेक्टेयर

कीवी 8

सेब 5

खुबानी 10

आड़ू 15

अखरोट 15 ------------------ शासन व विभाग काश्तकारों के हितों के लिए लगातार प्रयासरत है। जिले में वर्षाकाल में 55 हेक्टेयर उद्यान विकसित करने के बाद अब 53 हेक्टेयर में फल उद्यान विकसित करने के लिए कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। जल्द ही अगले माह इन उद्यानों में विभिन्न फलों के पौधों का रोपण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

-त्रिलोकी नाथ पांडे, मुख्य उद्यान अधिकारी, अल्मोड़ा

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