संवाद सहयोगी, मानिला (रानीखेत) : डंगूला चमकना रोड के विस्तार व डामरीकरण के लिए वषरें से संघर्षरत ग्रामीणों का आखिर धैर्य जवाब दे गया। तंत्र की लगातार उपेक्षा से गुस्साए लोग जुलूस लेकर तहसील मुख्यालय जा धमके। घेराव कर बेमियादी धरना शुरू कर दिया। चेतावनी दी कि अब भी माग न मानी गई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

क्षेत्रीय विकास संघर्ष समिति के नेतृत्व में विभिन्न गावों के लोग शनिवार को जुलूस की शक्ल में तहसील मुख्यालय जा पहुंचे। कार्यालय का घेराव कर तंत्र के खिलाफ नारेबाजी की और बेमियादी धरना शुरू कर दिया। मौके पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि डूंगरा चमकना पीपना मोटरमार्ग को रौईखाल (खुमाड़) होकर तराड़ तक विस्तारीकरण की माग लंबे समय से उठाई जा रही है लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई। कहा कि विभाग द्वारा अभी तक खोदी गई सड़क की चौड़ाई भी बेहद कम होने से वाहन चालकों व यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। डामरीकरण न होने से स्थिति और खराब है।

समिति अध्यक्ष प्रेम सिंह तड़ियाल ने कहा कि इस संदर्भ में कई बार शासन प्रशासन तक मामला पहुचाया गया, लेकिन कोई सुनवाई नही। कहा कि रामपुर व आसुतले के मध्य पुल निर्माण की माग भी पूरी नहीं की जा रही। इसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा।

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प्रदर्शन में ये रहे शामिल

संघर्ष समिति उपाध्यक्ष श्याम सिंह खर्कवाल, सचिव भगवत बोरा, कोषाध्यक्ष हरवंश सिंह, किसन राम, बिशन दत्त, गोपाल तड़ियाल, रतन सिंह बंगारी, रघुवर सिंह, रवींद्र कडाकोटी, बलवंत सिंह, प्रेम सिंह, गोपाल दत्त, आनंद बल्लभ, ईश्वरी दत्त, मदन सिंह, जसोद सिंह, कुंदन सिंह, नंदन सिंह, त्रिलोक सिंह, दुर्गा सिंह, सुजीत चौधरी, विक्त्रम सिंह, रवि जोशी, चंदन राम, प्रकाश चंद्र, किसन भंडारी, हरीश बंगारी आदि।

Posted By: Jagran