जागरण संवाददाता, अल्मोड़ा : 4600 ग्रेड पे की मांग को लेकर वीआरएस, आंदोलन का माध्यम बना है। प्रदेश में अब तक 11 पुलिस कार्मिक वीआरएस की मांग कर चुके है। प्रदेश में चुनाव से ठीक पहले पुलिस के स्वजन भी आंदोलन के समर्थन में सड़क पर आ गए हैं। जो बीजेपी के लिए सिरदर्द पैदा कर सकता है।

अल्मोड़ा जिले में तीन, चम्पावत में सात और गढ़वाल के एक पुलिस कार्मिक ने बीते दिनों 4600 ग्रेड पे की मांग को लेकर उच्चाधिकारियों को वीआरएस दिया था। कार्मिक मांग को लेकर आहत थे। वीआरएस के आधार पर संबंधित उच्चाधिकारी इनकी काउंसलिग कर चुके हैं। पुलिस कर्मी योगेश गोस्वामी की पत्नी मानसी गोस्वामी ने उत्तराखंड में आंदोलन को पंख लगाए। तो उनके पति भी अल्मोड़ा जिले में वीआरएस देने वाले पहले कार्मिक रहे। मानसी ने कहा कि एक साल पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को ज्ञापन सौंप मांग उठाई। गोल्ज्यू देवता मंदिर में भी गुहार लगाई। नए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से गुहार लगाई। बाद में आंदोलन और धरने दिए गए। लेकिन इसका कोई निष्कर्ष नहीं निकला। उन्होंने कहा कि 21 अक्टूबर को शहीद स्मृति दिवस पर देहरादून में सीएम ने घोषणा की। लेकिन इसके बाद भी उनकी उपेक्षा करते हुए मुकर गए। शहीद स्मृति दिवस पर वीर शहीदों का तक मान नहीं रखा। रक्षाबंधन के मौके पर पुलिस परिवार की महिलाओं को अपनी बहन बताते हुए आश्वासन दिया। आचार संहिता लागू होने के दिन भी हम मांगों के लिए इंतजार करते रहे। इधर दो-दो लाख रुपये देने की घोषणा की, जिसे हम नहीं लेंगे। उन्होंने कहा कि मांग को लेकर वह इतने आहत हैं कि उनके पति आरक्षी योगेश गोस्वामी वीआरएस देने की मांग पर अड़े हैं। तीन कार्मिकों के पत्र मिले थे। पूरे मामले में जांच बैठी है। जांच की रिपोर्ट के बाद ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

- डा. मंजूनाथ टीसी, एसएसपी अल्मोड़ा

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