संवाद सहयोगी, रानीखेत : राज्यसभा सासद अनिल बलूनी के ड्रीम प्रोजेक्ट बढेरी बैराज को मूर्तरूप देने के लिए कवायद तेज हो गई है। सिंचाई विभाग के तकनीकी दल ने बढेरी से खैरना तक कोसी नदी का जलस्तर, वेग आदि विभिन्न बिंदुओं पर आकड़े जुटाए। इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।

नैनीताल जिला मुख्यालय तथा रानीखेत तहसील के तमाम गावों को पेयजल उपलब्ध कराने के मकसद से बढेरी बैराज का निर्माण किया जाना है। करीब 600 करोड़ रुपये की लागत से बहुप्रतीक्षित योजना के तहत कोसी नदी क्षेत्र में डेढ़ किमी लंबा व 20 मीटर ऊंचाई वाले बैराज के निर्माण की तैयारी तेज हो गई है। मंगलवार को सिंचाई विभाग नैनीताल व हल्द्वानी से पहुंचे तकनीकी दल ने बढेरी, भुजान तथा खैरना में अलग-अलग स्थानों का जायजा लिया। जलस्तर का अध्ययन किया। वर्तमान वेग व गहराई की भी जाच की। साथ ही मजबूत चट्टान तथा कोसी नदी के बीच मिट्टी के नमूने लिए गए।

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बीते माह बलूनी ने किया था निरीक्षण

राज्यसभा सासद अनिल बलूनी ने बीते माह प्रस्तावित बैराज की प्रगति जानने के लिए बढेरी क्षेत्र का निरीक्षण किया था। अधिकारियों को कार्य में तेजी के लिए दिशा निर्देश दिए। इसी के मद्देनजर अधिकारी सक्त्रिय हो गए हैं। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता जीडी पाडे के मुताबिक सर्वे रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। इस दौरान अवर अभियंता प्रियंका कुंजवाल, हिमाशु जोशी, गिरीश मेलकानी, दर्शन भट्ट, लीलाधर जोशी आदि मौजूद रहें।

Posted By: Jagran

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