संवाद सहयोगी, अल्मोड़ा : पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनावों में करारी शिकस्त का सामना कर चुकी कांग्रेस पार्टी के लिए छह अप्रैल को होने वाली चुनावी सभा संजीवनी का काम करेगी। राहुल गांधी के इस बार के कार्यक्रम को लेकर कार्यकर्ताओं में काफी उम्मीदें भी हैं।

कांग्रेस पार्टी पूर्व में वर्ष 2014 में लोकसभा चुनावों में अल्मोड़ा संसदीय सीट से अपना कब्जा खो चुकी थी। मोदी लहर के कारण उस बार यहां से भाजपा के अजय टम्टा सांसद चुने गए। कार्यकर्ताओं का कहना है कि इन पांच सालों में जनता भाजपा के पांच सालों के कार्यकाल को देख चुकी है और ऐसे में अब जनता मुद्दों और विकास कार्र्यो को देखकर अपने मत का प्रयोग करेगी। इसलिए इस बार की कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की यह सभा जहां कार्यकर्ताओं के लिए संजीवनी का काम करेगी। वहीं जनता को भी कांग्रेस पार्टी की नीतियों की जानकारी मिल सकेगी। कांग्रेस कार्यकर्ता राहुल की इस रैली को सफल बनाने के लिए पिछले चार पांच दिनों से भारी मशक्कत करने में जुटी हुई है। पूर्व विधायक मनोज तिवारी ने कहा है बताया कि राहुल गांधी की सभा की तैयारियों के प्रदेश सह प्रभारी राजेश धर्माणी विगत दिवस यहां पहुंच चुके हैं। सभा को सफल बनाने के लिए सभी कांग्रेस कार्यकर्ता पूरी जोर आजमाइश कर रहे हैं।

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तीस हजार कार्यकर्ताओं को एकत्र करने का लक्ष्य

कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की सभा को सफल बनाने के लिए कांग्रेस के पदाधिकारियों ने इस चुनावी सभा में करीब तीस हजार कार्यकर्ताओं को अल्मोड़ा में एकत्र करने का लक्ष्य रखा है। पार्टी संगठन अल्मोड़ा जिले को इसलिए अधिक महत्व दे रहा है कि यहां मतदाताओं की संख्या काफी अधिक है। जबकि अन्य जिलों से भी भारी तादात में कार्यकर्ताओं के उमड़ने की संभावना है।

Posted By: Jagran

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