जागरण संवाददाता, अल्मोड़ा : एससी- एसटी एक्ट में संशोधन के खिलाफ भारत बंद का असर पूरे जिले में व्यापक असर दिखा। अल्मोड़ा में जहां व्यापार मंडल के बैनर तले व्यापारियों ने बंद का पूरा समर्थन देते हुए बाजार बंद रखा। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों सोमेश्वर, धौलछीना, बाड़ेछीना सहित पनुवानौला में बाजार बंद रहा। बंद के दौरान रोजमर्रा की चीजों की बिक्री व आपूर्ति प्रभावित हुई। सबसे अधिक असर सब्जी विक्रेताओं व रोजाना माल लेकर आ रहे ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों पर पड़ा।

सवर्ण समाज की तरफ से एससीएसटी एक्ट में संशोधन के खिलाफ व्यापार मंडल ने अपना समर्थन भारत बंद पर दिया। अल्मोड़ा में व्यापार मंडल के आह्वान पर सभी दुकानें बंद रहीं। वहीं छोटी-छोटी दुकानों पर भी असर दिखाई दिया। ट्रांसपोर्ट यूनियन की तरफ से भी बंद का समर्थन किया गया। सुबह हल्द्वानी से माल लेकर आए ट्रक व डीसीएम से माल की ढुलाई भी जहां प्रभावित दिखाई दी वहीं आम लोग बंद की पूर्व सूचना के चलते बाजार में सुबह सब्जियों व आवश्यक चीजों की खरीद के लिए नहीं पहुंचे। टैक्सी संचालन भी पूरी तरह ठप दिखाई दिया। व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष दीपेश जोशी ने बताया कि शहर में ट्रांसपोर्ट व्यवसाय भी पूरी तरह ठप रहा। इसका असर रोजमर्रा के जीवन पर भी दिखाई दिया। मालूम हो कि एससी एसटी के खिलाफ पूरे देश में सवर्ण समाज संगठनों की तरफ से बंद का आह्वान किया गया है। बंद को देखते हुए पुलिस प्रशासन की तरफ से एहतियात के तौर पर पुलिसबल की मुस्तैद रही।

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ग्रामीण क्षेत्रों में भी बाजार रहे बंद

भारत बंद का समर्थन करते हुए कस्बों व ग्रामीण क्षेत्रों में भी व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान व बाजार बंद रखे। धौलछीना, बाड़ेछीना व पनवानौला में बाजार पूरी तरह बंद रहे। आवश्यक सामान की आपूíत पूरी तरह ठप रही। चाय की दुकानों में भी सन्नाटा नजर आया। व्यापारियों की तरफ से हल्द्वानी से मंगाया गया माल भी ट्रांसपोर्ट बंद होने के चलते उतारा नहीं जा सका। जिससे सब्जी व दूसरी आवश्यक चीजों की आपूíत ठप रही। लोग बंद की खबरों का हाल जानने के लिए टीवी स्क्रीन पर नजरें गड़ाए रहे। बंद से करोड़ों रुपये के कारोबार का नुकसान हुआ है। व्यापार बंद होने से बैंकों में भी इसका असर दिखाई दिया। रोजाना की अपेक्षा यहां भी सन्नाटा दिखाई दिया।

Posted By: Jagran