संवाद सहयोगी, अल्मोड़ा : अपनी लंबित समस्याओं के त्वरित निराकरण की मांग को लेकर राजकीय चिकित्सालयों में तैनात लैब टेक्नीशियन सोमवार को सामूहिक अवकाश पर रहे। इसके चलते मरीजों को बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उन्होंने प्राइवेट क्लीनिकों में जांच कराई। उत्तराखंड लैब टेक्नीशियन एसोसिएशन ने कहा कि जब तक समस्याओं का निराकरण नहीं हो जाता है, प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा।

इधर देहरादून के परेड ग्राउंड में सोमवार को हुए धरना-प्रदर्शन में अल्मोड़ा से लैब टेक्नीशियन प्रमोद जोशी, महेंद्र बिष्ट, मनोज सूंठा तथा विनोद बहुगुणा शामिल हुए। इधर जिला व बेस चिकित्सालयों के लैब टेक्नीशियन संजय भट्ट, नरेंद्र भाकुनी व गायत्री अधिकारी ने कहा कि संगठन ने सेवानियमावली बनाने, सालों से संविदा पर तैनात संविदा लैब टेक्नीशियनों को विभाग में स्थायी तैनाती दिए जाने समेत तमाम मांगों के निराकरण के लिए पिछले करीब एक सप्ताह से शासन का ध्यान इस ओर आकृष्ट किया लेकिन इसके बाद भी शासन ने कोई सुध नहीं ली इससे विवश होकर लैब टेक्नीशियनों को सामूहिक अवकाश पर जाने को बाध्य होना पड़ा है। उन्होंने कहा है कि देहरादून में धरने के बाद प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक होगी जिसमें आंदोलन की अगली रूपरेखा तैयार कर ली जाएगी। लैब टेक्नीशियनों ने कहा कि पूरी कर्तव्यनिष्ठा से विभागीय कार्य को अंजाम देने के बाद भी हितों की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इससे एसोसिएशन के सदस्यों में रोष बढ़ता जा रहा है।

इधर लैब टेक्नीशियनों के सामूहिक अवकाश के चलते जिला व बेस चिकित्सालयों के परीक्षक लैब तथा स्टलाइजेशन कक्ष में ताले लटके रहे। इससे सोमवार को राजकीय चिकित्सालयों में ब्लड टेस्ट, शुगर टेस्ट समेत विभिन्न जांच कार्य ठप रहे। इसके चलते मरीजों ने आवश्यक जांच कार्य के लिए प्राइवेट क्लीनिकों का रूख किया जिसमें उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

Posted By: Jagran

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