संवाद सहयोगी, रानीखेत/ द्वाराहाट : एससी एसटी एक्ट के खिलाफ भारत बंद के तहत द्वाराहाट में बंद का व्यापक असर रहा। व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। बंदी के कारण राहगीरों विशेषकर यात्रियों को चाय पानी, सब्जी आदि रोजमर्रा की वस्तुएं भी नसीब नहीं हो सकीं। सवर्ण समाज के लोगों ने एससी एसटी एक्ट को अव्यवहारिक करार देते हुए इसे समाज में जहर घोलने वाला निर्णय बताया। कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के खिलाफ अधिनियम लेकर केंद्र सरकार मनमानी पर उतर आई है। जिसे बर्दास्त नहीं किया जाएगा। बंद के चलते कई यात्री इस परेशानी के बाद भी खुश दिखे। चौखुटिया से हल्द्वानी जा रहे प्रदीप चंद्र ने तर्क दिया कि केंद्र सरकार की लगातार मनमानी के खिलाफ अंतत: लोग जागृत तो हुए।

भारत बंद का कफड़ा व बग्वालीपोखर में भी असर रहा। कफड़ा में व्यापारियों ने अपने गुस्से का इजहार कर केंद्र सरकार का पुतला आग के हवाले किया। नारेबाजी कर तत्काल इस एक्ट को वापस लेने की माग की।

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जिले की मांग पर रानीखेत में अभूतपूर्व बंद

जिले की माग को लेकर गुरुवार को रानीखेत में अभूतपूर्व बंद देखने को मिला। प्रतिष्ठान बंद रहे। विभिन्न संगठनों के लोग खड़ी बाजार में एकत्र हुए। जुलूस की शक्ल में तहसील परिसर पहुंचे। संयुक्त मजिस्ट्रेट हिमांशु खुराना को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। कहा गया कि 2011 ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर चार नए जिलों की घोषणा की गई थी, जो आज तक धरातल पर नहीं उतर सकी है। तर्क दिया कि अधिकाश सुविधाएं उपलब्ध होने के कारण रानीखेत को जिला बनाने के लिए सरकार को अधिक मशक्कत नहीं करनी पड़ेगी। इस मौके पर कैलाश पांडे, व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष मोहन नेगी, नगर अध्यक्ष भगवंत सिंह नेगी, दिनेश तिवारी, गिरीश भगत, दीपक पंत, संजय रौतेला, विनोद कांडपाल, हर्षवर्धन पंत, सीमा जसवाल, उमेश भट्ट, हरीश लाल साह, पुष्कर पांडे, हीरा रावत, यतीश रौतेला, मनोज पंत, तान्या कोहली, नेहा मेहरा, जगदीश अग्रवाल, बीसी साह, किरन लाल साह, अनिल वर्मा, हेमंत मेहरा, आशुतोष साह, कमलेश बोरा, विनय तिवारी, ललित अस्वाल, अतुल जोशी आदि मौजूद रहे।

Posted By: Jagran