संवाद सहयोगी, रानीखेत : आतंकवाद की वैश्विक चुनौती से निपटने तथा सामरिक संबंधों को और मजबूती देने के मकसद से चौबटिया सैन्य छावनी क्षेत्र में दुनिया के दो बड़े गणतांत्रिक देश भारत व अमेरिका के 'संयुक्त सैन्य युद्ध अभ्यास- 2018' का जोरदार आगाज हुआ। भारतीय राष्ट्रगान 'जन गण मन' व अमेरिकी 'द स्टार स्पेंगल्ड बैनर' की मोहक धुन पर दोनों देशों के जांबाज सैनिकों ने अपने अपने राष्ट्रीय ध्वज के साथ फ्लैग मार्चपास्ट किया। गरुड़ डिवीजन के मैत्री द्वार से दोनों देशों के सैन्य कमांडरों ने विश्व शांति को आतंकवाद के खात्मे का संदेश दिया। उन्होंने इस युद्धाभ्यास को अब तक का सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया बताते हुए कहा कि बेहतर युक्ति, तकनीक, रणनीति व रणकौशल का आदान- प्रदान कर भविष्य में भारत व अमेरिका आतंकवाद से निपटने को मिलकर काम करेंगे।

चौबटिया सैन्य छावनी के गरुड़ मैदान में रविवार को भारत व अमेरिका का 14वां 'संयुक्त सैन्य युद्ध अभ्यास' का शुभारंभ हो गया। मार्चपास्ट की सलामी लेने के बाद मुख्य अतिथि अमेरिकी बटालियन कमांडर विलियम ग्राहम ने कहा, यह संयुक्त युद्धाभ्यास दोनों देशों के सैनिकों को बहुत कुछ सीखने को देगा। भारत व अमेरिका के बीच सामरिक रिश्ते और मजबूत होंगे, तो आतंकवाद की चुनौती को ध्वस्त करने में भारत एक अच्छा दोस्त साबित होगा। वहीं 'काउंटर इंसर्जेसी व काउंटर टेरेरिज्म' की दिशा में नई तकनीक विकसित करने का अच्छा माध्यम साबित होगा।

==================

नई सोच, नई ऊर्जा व तकनीक देगा यह बड़ा युद्धाभ्यास

रानीखेत : मेजबान भारतीय सेना के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल (सेना मेडल) कविंद्र सिंह ने मेहमान अमेरिकी सेना के अधिकारियों व जवानों का गर्मजोशी से स्वागत किया। कहा कि दो सप्ताह के युद्धाभ्यास के बाद अमेरिकी व भारतीय फौज नई सोच, नई तकनीक व नई ऊर्जा के साथ मिलेगी। उन्होंने कहा कि 14वां संस्करण अब तक का सबसे बड़ा युद्धाभ्यास है। वर्ष 2004 में 40-45 जवानों से शुरू संयुक्त सैन्य युद्ध अभ्यास अब डिवीजन स्तर पर वृहद आकार ले चुका है। यह युद्धाभ्यास अमेरिका के साथ जन्मों की लंबी दोस्ती देगा। वहीं आतंकवाद की वैश्विक चुनौती से निपटने को नई युक्ति व तकनीक भी सीखने को देगा।

Posted By: Jagran